भगवान प्रेम के वशीभूत, उन्हें पाने का सबसे सरल मार्ग सच्चे मन से की गई भक्ति
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देवरिया। सदर तहसील क्षेत्र के भरौटा गांव में चल रहे सप्त दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के दूसरे दिन शुक्रवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। प्रवचन करते हुए प्रसिद्ध कथावाचक पं० घनश्यामानन्द ओझा ने कहा कि भगवान प्रेम के वशीभूत होते हैं और उन्हें पाने का सबसे सरल मार्ग सच्चे मन से की गई भक्ति है।
उन्होंने कहा कि ईश्वर को छल, कपट और बैर भाव बिल्कुल पसंद नहीं है। निर्मल मन और श्रद्धा से की गई पूजा-अर्चना कभी व्यर्थ नहीं जाती। कथा का श्रवण करने से मनुष्य को आध्यात्मिक शांति के साथ मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि जीवन में सदैव अच्छे कर्मों के मार्ग पर आगे बढ़ें, क्योंकि ईश्वर हर व्यक्ति के कर्मों को देख रहा है।
कथावाचक ने भजन किसको दिल दिया जाए, सोचना जरूरी है…प्रस्तुत किया, जिस पर श्रोता भाव-विभोर होकर झूम उठे। पूरे पांडाल में भक्ति और श्रद्धा का वातावरण बना रहा।
कथा के संयोजक रमाशंकर तिवारी ने बताया कि प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण के लिए पहुंच रहे हैं। इस दौरान द्रौपदी देवी, पवन तिवारी, अमूल्य पांडेय, मोहन मिश्र, विनोद गुप्ता, गोरख सिंह, रामसेवक तिवारी, राजेश मिश्र, सौरभ श्रीवास्तव सहित कई लोग उपस्थित रहे।
