बिना निमंत्रण के कहीं जाना ठीक नहीं: पं. घनश्यामानंद
1 min readदेवरिया। सलेमपुर कस्बा स्थित संस्कृत पाठशाला परिसर में चल रहे सप्तदिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के चौथे दिन रविवार की रात कथावाचक पं. घनश्यामानंद ओझा ने श्रद्धालुओं को कथा का रसपान कराया।
उन्होंने कहा कि किसी भी स्थान पर बिना निमंत्रण के नहीं जाना चाहिए। जहां जाने से अपने, गुरु या परिजनों के अपमान की आशंका हो, वहां जाने से बचना ही उचित है। सती चरित्र का प्रसंग सुनाते हुए उन्होंने बताया कि भगवान शिव की बात न मानकर पिता के घर जाने पर सती को अपमान का सामना करना पड़ा और अंततः उन्होंने स्वयं को अग्नि को समर्पित कर दिया।
कथावाचक ने ध्रुव चरित्र, भक्त प्रह्लाद और अजामिल से जुड़े प्रसंग सुनाते हुए भजन व गीत प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। वहीं भजन गायक अमूल्य पांडेय ने भी भजनों की प्रस्तुति दी।
इस अवसर पर यजमान सुशीला तिवारी, पंडित नागमणि तिवारी, बेबी तिवारी, हैप्पी शुक्ला, प्राचार्य डॉ. दुर्गेश तिवारी, मुन्ना तिवारी, आशुतोष जायसवाल, अशोक, राजेश द्विवेदी, उत्कर्ष तिवारी, संजय तिवारी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
