एयर इंडिया ड्रीमलाइनर: पायलट ने बताई थी फ़्यूल स्विच की समस्या, डीजीसीए ने कहा तकनीकी ख़राबी नहीं
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भारतीय नागरिक उड्डयन नियामक यानी कि डीजीसीए ने कहा है कि उड़ान भरने से रोके गए एयर इंडिया के 787-8 ड्रीमलाइनर विमान के फ़्यूल कंट्रोल स्विच में ‘किसी तरह की तकनीकी खामी नहीं पाई गई है’.
लंदन से बेंगलुरु पहुंची एयर इंडिया की एक ड्रीमलाइनर उड़ान में पायलट ने रविवार 1 फ़रवरी को बेंगलुरु में लैंड करने के बाद फ़्यूल कंट्रोल स्विच से जुड़ी संभावित खराबी की शिकायत की थी.
यह वही संभावित तकनीकी समस्या है, जो पिछले साल जून में हुए एयर इंडिया विमान हादसे की मौजूदा जांच के केंद्र में बनी हुई है.
एयर इंडिया ने बताया कि पायलट से सूचना मिलने के बाद बोइंग 787-8 विमान को तत्काल उड़ान भरने से रोक दिया गया था और डीजीसीए (डायरेक्टरेट जनरल ऑफ़ सिविल एविएशन) को इसकी जानकारी दी गई है और पायलट की चिंताओं की जाँच ‘प्राथमिकता के आधार पर’ कराई जा रही है.
बोइंग के एक प्रवक्ता ने सवाल के जवाब में बीबीसी से कहा कि कंपनी इस मामले की एयर इंडिया की ओर से की जा रही “समीक्षा में सहयोग कर रही है.
डीजीसीए के मुताबिक, पायलट की रिपोर्ट के बाद की गई जांच में यह पाया गया कि बोइंग की सुझाई गई प्रक्रिया के अनुसार स्विच को ऑपरेट करने पर वह रन पोज़ीशन (यानि कि चालू स्थिति) में संतोषजनक तरीके से स्थिर रहा और कटऑफ़ (यानी कि बंद स्थिति) की ओर नहीं गया.
डीजीसीए ने बताया कि टेकऑफ़ के दौरान इंजन स्टार्ट करते समय चालक दल ने देखा कि दो बार फ़्यूल कंट्रोल स्विच हल्का वर्टिकल दबाव डालने पर रन पोज़िशन में (यानी कि चालू स्थिति में) सही तरह से लॉक नहीं हो पाया. हालांकि तीसरी बार स्विच स्थिर रहा, जिसके बाद पूरे उड़ान के दौरान विमान की करीबी निगरानी की गई और उड़ान बिना किसी घटना के पूरी हुई.
