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घायलों की पहचान विनोद थोरात, मोहित जाधव, अतुल शेवाळे, प्रमिला यादव और उज्वला महाजन के रूप में हुई है। सभी घायलों को तुरंत निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद दो गंभीर रूप से घायलों को बेहतर इलाज के लिए नासिक रेफर किया गया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और इलाके को सुरक्षित किया गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि विस्फोट गुब्बारे फुलाने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे नाइट्रोजन गैस सिलेंडर में हुआ। 1 min read

महाराष्ट्र के मालेगांव शहर में गणतंत्र दिवस के मौके पर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब पुलिस परेड ग्राउंड के...

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गणतंत्र दिवस के अवसर पर सोमवार को दुनिया ने दिल्ली के कर्तव्य पथ पर नए भारत की ताकत देखी है।...

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पटना : बिहार की राजधानी पटना में नीट की तैयारी कर रही छात्रा के साथ कथित बलात्कार और मौत के मामले...

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मुंबई: मुंबई लोकल में यात्रा के दौरान हुए एक मामूली से विवाद ने जानलेवा रूप ले लिया. बोरीवली रेलवे पुलिस...

अमेरिका के अटलांटा स्थित एमोरी विश्वविद्यालय ने ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सेक्रेटरी अली लारीजानी की बेटी को निष्कासित कर दिया है. विश्वविद्यालय के एक फैकल्टी सदस्य ने बीबीसी पर्शियन को इसकी पुष्टि की है. फ़ातिमा अर्देशिर लारीजानी अटलांटा स्थित एमोरी विश्वविद्यालय के कैंसर अनुसंधान विभाग में कार्यरत थीं. बीते कुछ समय से ईरानी सरकार के विरोधी विश्वविद्यालय परिसर के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे और फ़ातिमा को बर्ख़ास्त करने की मांग कर रहे थे. गुरुवार को जॉर्जिया से अमेरिकी प्रतिनिधि अर्ल कार्टर ने विश्वविद्यालय प्रशासन को पत्र लिखकर फ़ातिमा लारीजानी को बर्ख़ास्त करने और उनका मेडिकल लाइसेंस रद्द करने की मांग की थी. जनवरी 2025 में अमेरिका ने ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों को दबाने में भूमिका और ‘शैडो बैंकिंग’ नेटवर्क और तेल राजस्व की मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी गतिविधियों के आरोपों के चलते अली लारीजानी को प्रतिबंध सूची में शामिल किया था. इस बीच, विदेशों में रहने वाले ईरानियों ने ईरान में चल रहे राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शनों के समर्थन में कई देशों में प्रदर्शन किए हैं और वहां की सरकारों से ईरानी शासन से जुड़े लोगों को निष्कासित करने की मांग की है. 1 min read

अमेरिका के अटलांटा स्थित एमोरी विश्वविद्यालय ने ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सेक्रेटरी अली लारीजानी की बेटी को...

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पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने घटना के बाद पत्नी को गुमराह करने के लिए यह कहानी गढ़ी कि बच्ची खेलते...

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कांग्रेस के भीतर असंतोष के सुर एक बार फिर तेज होते दिख रहे हैं. शशि थरूर के बाद अब पंजाब...

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देहरादून: उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के चलते जनजीवन प्रभावित हो रहा है। मौसम...

4 लोग गिरफ्तार हुए इस छापेमारी के दौरान चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह मकान किसी गुप्ता से संबंधित बताया जा रहा है, जहां ये अवैध गतिविधियां संचालित हो रही थीं। कार्रवाई की सूचना मिलते ही पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल और ज्वाइंट कमिश्नर विनोद कुमार भी मौके पर पहुंचे और पूरे ऑपरेशन की निगरानी की। यह छापेमारी कानपुर पुलिस की उस मुहिम का हिस्सा है, जिसमें अवैध धन संचय, हवाला कारोबार और काला धन के नेटवर्क को तोड़ने पर विशेष फोकस किया जा रहा है। पुलिस ने क्या बताया? एडीसीपी सुमित सुधाकर रामटेके ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि छापेमारी गुप्त सूचना पर आधारित थी। उन्होंने कहा, "हमने इस मकान में छापा मारा और चार आरोपियों को हिरासत में लिया। मौके से लगभग दो करोड़ रुपये कैश, 61 किलोग्राम चांदी और नेपाली करेंसी बरामद हुई है। जांच में पता चला है कि यह एक बड़ा गिरोह है, जिसमें और भी लोग शामिल हो सकते हैं। हम आरोपियों से लगातार पूछताछ कर रहे हैं और उनके नेटवर्क, स्रोत, प्राप्तकर्ता तथा अन्य संदिग्ध ठिकानों की तलाश जारी है। जो भी नए तथ्य सामने आएंगे, उन्हें समय-समय पर सार्वजनिक किया जाएगा।" नेपाल तक फैला हो सकता है नेटवर्क यह कार्रवाई कानपुर में हवाला और अवैध लेन-देन के खिलाफ पुलिस की सख्ती को दर्शाती है। ऐसे रैकेट न केवल अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि आतंकवाद, तस्करी और अन्य अपराधों को फंडिंग भी प्रदान करते हैं। पुलिस का मानना है कि इस गिरोह के जरिए देश-विदेश में अवैध धन का लेन-देन हो रहा था। नेपाली करेंसी की बरामदगी से संकेत मिलता है कि यह नेटवर्क नेपाल तक फैला हुआ हो सकता है। बैंक खातों, मोबाइल डेटा, संपत्तियों जांच जारी पुलिस अब आरोपियों के बैंक खातों, मोबाइल डेटा, संपत्तियों और सहयोगियों की गहन जांच कर रही है। इस सफलता से कानपुरवासियों में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ा है। अधिकारी बताते हैं कि आने वाले दिनों में और छापेमारी की जा सकती है, ताकि इस तरह के रैकेट को जड़ से खत्म किया जा सके। कानपुर पुलिस कमिश्नरेट की यह कार्रवाई एक मिसाल है कि कैसे सतर्कता और समन्वय से बड़े अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है। जांच जारी है और जल्द ही और खुलासे होने की उम्मीद है। 1 min read

कानपुर में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और अवैध आर्थिक गतिविधियों पर लगाम कसने की दिशा में पुलिस कमिश्नरेट ने एक...

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