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आगे क्या रूप लेगा अमेरिका-चीन नेतृत्व संघर्ष?

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हमने अपनी सुविधा के हिसाब से काल को दिन, महीनों और वर्षों में बाँट रखा है, लेकिन घटनाएं उनके दायरों में नहीं घटतीं या हम उन्हें वर्षों के अंदर नहीं बाँध सकते। बहुत सारे इतिहासकार मानते हैं कि बीसवीं सदी दरअसल, पहले विश्वयुद्ध के आगाज़ तथा सोवियत संघ की क्रांति से शुरू हुई थी और फिर समाजवादी देशों के पतन के साथ उसका अंत हुआ था। इसे उन्होंने छोटी सदी का नाम भी दिया था। इसी तरह कई इतिहासकार 21 सदी की शुरुआत भी 2001 के बजाय 1989 से मानते हैं।

 

दरअसल, अधिकांश घटनाओं के कुछ सिरे पीछे छूट गए सालों में होते हैं और कुछ आने वाले वर्षों में जाते हुए नज़र आते हैं। इसलिए उनका आकलन वर्षों के कुछ पीछे और आगे जाकर करना होता है।

 

मसलन, कोरोना महामारी हमारी स्मृति में 2020 की घटना के तौर पर दर्ज़ हो चुकी है, मगर चीन के वुहान में तो यह 2019 के नवंबर-दिसंबर में ही प्रकट हो चुकी थी और अब वह 2021 में भी मौजूद रहेगी यह तय है।

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