‘मुंह में राम, बगल में छुरी’: अयोध्या में ‘मछली भोज’ पर सियासी संग्राम, योगी ने कांग्रेस-सपा पर साधा निशाना
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अयोध्या में आयोजित एक कार्यक्रम के बाद सामने आए ‘मछली भोज’ के वीडियो ने उत्तर प्रदेश की सियासत में नया विवाद खड़ा कर दिया है। वायरल वीडियो को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर अयोध्या तथा भगवान राम का कथित तौर पर अपमान करने का आरोप लगाया। वहीं, कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए योगी आदित्यनाथ से सबूत देने या माफी मांगने की चुनौती दी है।
विवाद की शुरुआत उस वीडियो से हुई, जिसमें एक कार्यक्रम के बाद कुछ लोग मछली खाते हुए नजर आ रहे हैं। यह कार्यक्रम कांग्रेस में शामिल हुए राम निषाद से जुड़ा था। राम निषाद पिछले महीने भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए थे। वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई और मामला BJP बनाम कांग्रेस की बहस में बदल गया।
योगी आदित्यनाथ ने क्या कहा?
सोमवार को रायबरेली में एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले को लेकर कांग्रेस और सपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि एक तरफ लोग भगवान राम और बजरंगबली का नाम लेते हैं, जबकि दूसरी तरफ उनके आचरण में विरोधाभास नजर आता है।
योगी आदित्यनाथ ने आरोप लगाया कि कुछ लोग हनुमानगढ़ी गए और इसके बाद अपने कार्यालय में मछली भोज करते नजर आए। इसी संदर्भ में उन्होंने कहा, ‘मुंह में राम और बगल में छुरी’। मुख्यमंत्री ने इसे अयोध्या और भगवान राम के प्रति कथित अनादर से जोड़ते हुए विपक्ष पर निशाना साधा।
योगी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की मनुस्मृति को लेकर हालिया टिप्पणी पर भी कांग्रेस को घेरा। उन्होंने राहुल गांधी के ‘मनुस्मृति मानसिकता’ वाले बयान का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर राम की विरासत का अपमान करने का आरोप लगाया।
कांग्रेस ने मांगा सबूत
मुख्यमंत्री के आरोपों पर कांग्रेस ने पलटवार किया। पार्टी नेताओं का कहना है कि जिस कार्यक्रम को लेकर विवाद खड़ा किया जा रहा है, वह अयोध्या से करीब 30-40 किलोमीटर दूर गोसाईगंज में आयोजित हुआ था।
कांग्रेस ने यह भी स्पष्ट किया कि राजनीतिक कार्यक्रम में शामिल उसके नेताओं ने मछली भोज में हिस्सा नहीं लिया था। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को आरोप साबित करने के लिए सबूत पेश करने की चुनौती दी।
अजय राय ने कहा कि यदि मुख्यमंत्री अपने आरोपों के समर्थन में प्रमाण नहीं दे सकते तो उन्हें माफी मांगनी चाहिए। कांग्रेस ने भाजपा पर अयोध्या में चंदे से जुड़े कथित विवाद जैसे मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए इस मामले को राजनीतिक रंग देने का आरोप भी लगाया।
राम निषाद बोले- ‘मछली खाना कोई अपराध नहीं’
विवाद के केंद्र में आए राम निषाद ने पूरे मामले पर अपनी सफाई दी। उन्होंने बताया कि वायरल वीडियो में दिखाया गया मछली भोज राजनीतिक कार्यक्रम का हिस्सा नहीं था, बल्कि निषाद और मछुआरा समुदाय के सदस्यों ने राजनीतिक कार्यक्रम खत्म होने के बाद अलग से इसका आयोजन किया था।
राम निषाद के मुताबिक, वह और उनका समुदाय मछली खाने से जुड़े हुए हैं और इसमें उन्हें कुछ भी गलत नहीं लगता। उन्होंने कहा, “हम मछुआरे हैं। हमने मछली खाकर कोई अपराध नहीं किया।”
उन्होंने यह भी बताया कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय और AICC महासचिव राजेंद्र पाल गौतम समेत कांग्रेस के नेताओं को उनके कांग्रेस में शामिल होने के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया था। उनके अनुसार, नेता दोपहर करीब 1-2 बजे कार्यक्रम में पहुंचे थे और उन्हें शाकाहारी भोजन परोसा गया। कांग्रेस नेता करीब 3 बजे वहां से चले गए, जिसके बाद समुदाय के लोगों ने मछली भोज आयोजित किया।
