कृषि यंत्रों की ई-लॉटरी में 165 कृषक अनुदान के लिए चयनित
1 min read देवरिया। कृषि विभाग में संचालित योजनाओं प्रमोशन ऑफ एग्रीकल्चर फॉर सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन योजना तथा सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन फॉर इन-सीटू मैनेजमेंट ऑफ क्रॉप रेजिड्यू योजनांतर्गत ई-लॉटरी कराने के निर्देश दिए गए थे। जिसके क्रम में जिलाधिकारी द्वारा जनपद स्तरीय गठित समिति की उपस्थिति में गांधी सभागार, विकास भवन में कृषि यंत्रों के लिए ऑनलाइन बुकिंग कराने वाले कुल 656 कृषकों में से 386 कृषकों की ई-लॉटरी कराई गई। ई-लॉटरी के पश्चात 165 कृषक विभिन्न कृषि यंत्रों पर अनुदान प्राप्त करने के लिए चयनित हुए। ई-लॉटरी में चयनित कृषकों को विभिन्न यंत्रों के अनुसार बिल अपलोड करने के लिए 30 से 45 दिन की समय-सीमा दी गई है, जिसकी सूचना कृषकों के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस के माध्यम से प्राप्त होगी।
मुख्य विकास अधिकारी राजेश सिंह द्वारा इन-सीटू योजना के तहत कस्टम हायरिंग सेंटर की स्थापना (30 लाख रुपये) के अंतर्गत विगत पांच वर्षों में वितरित किए गए कस्टम हायरिंग सेंटरों की सूची उपलब्ध कराने तथा उनके द्वारा कृषकों को कम दर पर जुताई-बुवाई की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है अथवा नहीं, इसकी जांच कराने के निर्देश दिए गए।
उप कृषि निदेशक सुभाष मौर्य ने सभी चयनित कृषकों को बताया कि निर्धारित समय-सीमा के अंदर कृषि यंत्र क्रय कर पोर्टल पर बिल, यंत्र के साथ फोटो, लेजर कटिंग नंबर की फोटो, आधार, बैंक पासबुक, खतौनी, जाति प्रमाण पत्र, शपथ पत्र एवं बैंक स्टेटमेंट अपलोड कराएं। कृषक स्वयं संबंधित कर्मचारी के पास कार्यालय में पत्रावली जमा करेंगे। किसी अन्य व्यक्ति द्वारा पत्रावली स्वीकार नहीं की जाएगी।
कृषि यंत्रों की ई-लॉटरी के दौरान संदीप कुमार गुप्ता, जिला उद्यान अधिकारी, जिला अग्रणी प्रबंधक, संतोष चतुर्वेदी, कृषि ज्ञान केंद्र, अपर जिला कृषि अधिकारी, देवरिया, वेद व्यास सिंह, निदेशक, पूर्वांचल पोल्ट्री प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड, गंगा सिंह कुशवाहा, उमेश मल्ल, प्रगतिशील कृषक, ईश्वर चंद निषाद, सेल्फ हेल्प ग्रुप तथा राघवेंद्र प्रताप शाही, भा.कि.यू., प्रगतिशील कृषक उपस्थित थे।
