कार्यालय जिला विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ।
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लखनऊ। प्रशासनिक न्यायमूर्ति लखनऊ राजेश सिंह चौहान, की गरिमामयी उपस्थिति में राष्ट्रीय लोक अदालत दिनांक 14.03.2026 का सफल आयोजन किया गया जिसमें 481112 वादों का सफल निस्तारण किया गया। जन सामान्य को त्वरित, सस्ता एवं सुलभ न्याय उपलब्ध कराने हेतु आज दिनांक 14 मार्च 2026 को प्रातः 10:00 बजे पुराना उच्च न्यायालय लखनऊ में प्रशासनिक न्यायमूर्ति लखनऊ श्राजेश सिंह चौहान की गरिमामयी उपस्थिति में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन दीप प्रज्जवलन एवं माँ सरस्वती की प्रतिमा में माल्यार्पण करके राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारम्भ किया गया। इसके पश्चात जिला न्यायाधीश लखनऊ मलखान सिंह द्वारा प्रशासनिक न्यायमूर्ति लखनऊ को स्मृति चिन्ह एवं गुलदस्ता भेंट किया गया। इसी क्रम में डॉ. मनु कालिया, सदस्य सचिव, उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ एवं समस्त अपर जिला जज तथा नोडल अधिकारी, राष्ट्रीय लोक अदालत रवीन्द्र कुमार द्विवेदी, विशेष न्यायाधीश, सी0बी0आई0 सेन्ट्रल, लखनऊ एवं जीवक कुमार सिंह, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के साथ समस्त न्यायिक मजिस्ट्रेट बैंकों के पदाधिकारीगण, लीगल एड डिफेन्स काउन्सिल के अधिवक्तागण, पराविधिक स्वयं सेवक, नामिका अधिवक्ता एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहें। कार्यक्रम का संचालन शीतल प्रीयदर्शी, सिविल जज (सी0डि0) द्वारा किया गया।
राष्ट्रीय लोक अदालत के अवसर पर वादकारियों के स्वाथ्य हेतु न्यायालय परिसर में मेगा हेल्थ कैंम्प एवं रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया जिसका शुभारम्भ प्रशासनिक न्यायमूर्ति लखनऊ राजेश सिंह चौहान द्वारा फीता काटकर किया गया।
राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारम्भ करते हुये प्रशासनिक न्यायमूर्ति लखनऊ राजेश सिंह चौहान द्वारा अधिक से अधिक वाद सुलह समझौते के आधार पर लोक अदालत में निस्तारित किये जाने का आवाहन किया गया।
जनपद न्यायालय लखनऊ सहित मोटर दावा दुर्घटना अधिकरण, पारिवारिक न्यायालय परिसर, वाणिज्यिक न्यायालय, उपभोक्ता फोरम, कलेक्ट्रेट एवं समस्त तहसीलों आदि में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन आज दिनांक 14-03-2026 को किया गया जिसमें जनपद न्यायालय में विशेष न्यायाधीश ई0सी0एक्ट द्वारा 384 मामलें, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा 4076 मामलें, विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (कस्टम) द्वारा 2065 मामलें एवं अन्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा सहित कुल 12607 मामलें, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के कुल 213 मामलें, वाणिज्यिक न्यायालय के 12 मामलें तथा पारिवारिक न्यायालय के 189 मामलों सहित न्यायालय में लम्बित कुल 19546 वादों का निस्तारण कर कुल रू 523311412/- की धनराशि वसूल की गयी। प्री-लिटिगेशन स्तर पर राजस्व के कुल 101163 वादों, मुख्य चिकित्सा अधिकारी के कुल 299679 वादों, बैंक रिकवरी के कुल 1695 वादों प्रीलिटिगेशन वैवाहिक विवादों के 52 मामले तथा अन्य 58977 प्रकरणों सहित कुल 461566 मामलों का निस्तारण कर कुल रू0 136420866/- की धनराशि वसूल हुयी। इस प्रकार राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 481112 मामलों का निस्तारण कर कुल रूपये 659732278/- की धनराशि वसूल की गयी।
