सावित्रीबाई ने अपमान सहकर रखी स्त्री शिक्षा की नींव : चंद्रभूषण
1 min readदेवरिया। रामपुर कारखाना विधानसभा क्षेत्र के डुमरी स्थित सपा जनसंपर्क कार्यालय पर राष्ट्रमाता सावित्रीबाई फुले के स्मृति दिवस और समाजवादी पुरोधा मामा बालेश्वर दयाल की जयंती मनाई गई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सपा के पूर्व प्रवक्ता चंद्रभूषण सिंह यादव ने कहा कि सावित्रीबाई फुले ने अपमान सहते हुए भी स्त्री शिक्षा की मजबूत नींव रखी।
उन्होंने कहा कि महात्मा ज्योतिबा फुले के प्रयासों से सावित्रीबाई फुले ने 1 जनवरी 1848 को पुणे के भिड़ेबाड़ा में बालिकाओं का पहला विद्यालय खोला। उस समय पुरुषवादी समाज ने उन्हें कई तरह के अपमान झेलने पर मजबूर किया, लेकिन उन्होंने निडर होकर बालिकाओं को शिक्षा देकर महिलाओं के उत्थान का मार्ग प्रशस्त किया।
यादव ने मामा बालेश्वर दयाल को याद करते हुए कहा कि वह स्वतंत्रता सेनानी, समाजवादी नेता और भील आदिवासी समाज के बड़े हितैषी थे। उन्होंने जल, जंगल और जमीन के अधिकार के लिए जीवनभर संघर्ष किया। इसी कारण भील आदिवासी समाज उन्हें भगवान और अपना गांधी मानता है।
इस अवसर पर सुरेश नारायण सिंह, दयानंद यादव, अभिषेक गुड्डू गोंड, संतोष मद्धेशिया, अशोक यादव, व्यास यादव, अयोध्या वर्मा, नाजिर अंसारी, नारायण प्रसाद, कांता यादव, उपेंद्र यादव, बेलभद्र गोंड, परमहंस यादव और नगीना यादव सहित अन्य लोगों ने दोनों महापुरुषों को नमन किया।
