स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही पर डीएम सख्त, बैतालपुर के दो अधिकारियों से मांगा स्पष्टीकरण
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सीएचओ की लापरवाही पर निष्कासन की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश, हर मातृ-शिशु मृत्यु का होगा ऑडिट
देवरिया। स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही पर जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने सख्त रुख अपनाया है। जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में कार्य में लापरवाही मिलने पर प्रभारी चिकित्सा अधिकारी बैतालपुर और संबंधित नोडल अधिकारी से स्पष्टीकरण तलब किया गया। डीएम ने लगातार लापरवाही बरतने वाले सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों के विरुद्ध निष्कासन की प्रक्रिया शुरू करने के भी निर्देश दिए।
कलेक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक में जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को आपसी समन्वय से काम करने के निर्देश दिए।
हर मातृ-शिशु मृत्यु का होगा ऑडिट
डीएम ने जिले में होने वाली प्रत्येक मातृ एवं शिशु मृत्यु का अनिवार्य रूप से ऑडिट कराने को कहा। उन्होंने मृत्यु के कारणों और स्वास्थ्य सेवाओं में सामने आई कमियों का विश्लेषण कर सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए। आशा कार्यकर्ताओं के भुगतान का भी समयबद्ध निस्तारण कराने को कहा।
बीएचएसएनडी सत्रों का प्रभावी संचालन और निर्धारित रोस्टर के अनुसार स्वास्थ्य कर्मियों की नियमित उपस्थिति करने के निर्देश दिए गए। आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को गांवों में नियमित गृह भ्रमण कर लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं और सरकारी योजनाओं की जानकारी देने को कहा गया।
निजी अस्पताल में प्रसव कराने पर कार्रवाई
रुद्रपुर के एक निजी अस्पताल में आशा कार्यकर्ता की ओर से प्रसव कराए जाने की संलिप्तता सामने आने पर डीएम ने संबंधित प्रभारी चिकित्सा अधिकारी को उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने आशा, आंगनबाड़ी और एएनएम यानी तीनों स्तर पर कार्यों की प्रभावी निगरानी करने को कहा।
जननी सुरक्षा योजना के तहत आशा कार्यकर्ताओं के भुगतान में देरी न करने के भी निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी।
आंगनबाड़ी केंद्रों पर उपकरणों की कमी मिली तो जिम्मेदारी तय
बीएचएसएनडी सत्रों के लिए आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए डीएम ने निर्देश दिया कि इस माह किसी भी आंगनबाड़ी केंद्र पर उपकरणों की कमी नहीं होनी चाहिए। कमी मिलने पर संबंधित एमओआईसी और खंड विकास अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
उन्होंने आभा आईडी जनरेशन में तेजी लाने तथा जननी सुरक्षा योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रम समेत सभी स्वास्थ्य योजनाओं के लक्ष्यों को समयबद्ध और शत-प्रतिशत पूरा करने के निर्देश दिए।
