कुपोषण पर डीएम सख्त, आंगनबाड़ी केंद्रों की होगी नियमित निगरानी
1 min readहोम विजिट से लेकर पुष्टाहार वितरण तक की होगी जांच, बनकटा-भागलपुर की प्रगति पर जताई नाराजगी
देवरिया। जिले को कुपोषण मुक्त बनाने के अभियान में लापरवाही पर जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने सख्ती दिखाई है। जिला पोषण समिति की समीक्षा बैठक में उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन, बच्चों की उपस्थिति, होम विजिट और पुष्टाहार वितरण की नियमित निगरानी के निर्देश दिए। बनकटा और भागलपुर परियोजनाओं की पिछली बैठक के सापेक्ष अपेक्षित प्रगति न मिलने पर सुधार के निर्देश दिए गए।
गूगल मीट के माध्यम से हुई बैठक में कुपोषित बच्चों और एनीमिया से प्रभावित महिलाओं की स्थिति की समीक्षा की गई। डीएम ने बाल विकास परियोजना अधिकारियों को नियमित क्षेत्र भ्रमण करने और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा बच्चों के लिए लिए गए वजन का सत्यापन करने को कहा।
उन्होंने गर्भवती और धात्री महिलाओं के गृह भ्रमण की भी जांच करने के निर्देश दिए। कहा कि केवल आंकड़े जुटाने से कुपोषण खत्म नहीं होगा। गंभीर और मध्यम कुपोषित बच्चों की नियमित निगरानी के साथ उनका स्वास्थ्य परीक्षण, पोषण उपचार और फालोअप भी कराया जाए।
डीएम ने आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों, गर्भवती और धात्री महिलाओं को मिलने वाली सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने को कहा। बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग को केंद्रों पर नियमित गतिविधियां प्रभावी ढंग से संचालित कराने और पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का पूरा लाभ दिलाने के निर्देश दिए। इस दौरान सी डी ओ राजेश सिंह, एसीएमओ, डिप्टी सीएमओ, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी समेत संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
