युवाओं की बड़ी जीत, दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी को झुकना पड़ा; धर्मेद्र प्रधान के इस्तीफे पर बोले अखिलेश
1 min read
नीट पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी प्रदर्शन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर सामने आते ही प्रदर्शनकारियों में खुशी की लहर दौड़ गई। आंदोलन का नेतृत्व कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और बड़ी संख्या में मौजूद छात्रों ने इसे अपनी पहली बड़ी जीत बताते हुए जश्न मनाया। हालांकि प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि उनकी अन्य प्रमुख मांगें अभी भी बाकी हैं और आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक उन पर भी सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता। इस बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा युवाओं की बड़ी जीत है और सरकार को यह फैसला पहले ही ले लेना चाहिए था।
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, युवाओं की बड़ी जीत- अखिलेश
अखिलेश ने कहा कि सरकार खुद स्वीकार कर चुकी थी कि परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक हुआ था, इसलिए जवाबदेही तय होना आवश्यक था। उन्होंने कहा कि अब सरकार को शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार करने होंगे और भविष्य में किसी भी प्रतियोगी परीक्षा का पेपर लीक न हो, इसके लिए प्रभावी और ठोस कदम उठाने होंगे। सपा अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लिए बगैर कहा कि कैमरे के सामने आप बोलते थे लेकिन जेन-जी की ताकत को देखते हुए आपको भी मोबाइल सीधा करना पड़ा और आधी रात को आपने संदेश दिया। ये नई पीढ़ी के लोगों के लिए बड़ी जीत है और सरकार को ये बात समझ लेनी चाहिए कि शिक्षा को लेकर सरकार को बहुत गंभीरता से सोचना पड़ेगा, पेपर लीक ना हो इसके लिए ठोस कदम उठाने पड़ेंगे। ये युवाओं की बहुत बड़ी जीत है, जिसके आगे दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी को झुकना पड़ा।
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि सरकार पर जनता और युवाओं के दबाव का असर दिखा है। उन्होंने कहा, “कहा जाता था कि इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते, लेकिन जनता की आवाज के सामने सरकार को झुकना पड़ा। मंत्री का इस्तीफा हमारी एक मांग पूरी होने जैसा है, लेकिन अभी हमारी दो और मांगें शेष हैं।” इधर, सरकार और प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत की तैयारी भी शुरू हो गई। इस सिलसिले में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह सहित अन्य प्रतिनिधि कॉन्स्टिट्यूशन क्लब पहुंचे, जहां दोनों पक्षों के बीच वार्ता प्रस्तावित है।
सीजेपी की दो और मांगें
माना जा रहा है कि बातचीत में आंदोलनकारियों की शेष मांगों और परीक्षा व्यवस्था में सुधार से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी। नीट पेपर लीक को लेकर देशभर में छात्रों के बीच लंबे समय से नाराजगी बनी हुई है। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद आंदोलन ने नया मोड़ ले लिया है। अब सभी की नजर सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच होने वाली वार्ता पर है, जिससे इस विवाद के समाधान की दिशा तय हो सकती है।
