‘शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा दे देना चाहिए’, छात्रों का समर्थन करते हुए बोले अन्ना हजारे- जनता ही मालिक है
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सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने भी छात्रों को अपना समर्थन दिया है। अन्ना हजारे ने छात्रों के प्रदर्शन को लेकर चिंता व्यक्त की है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। अन्ना हजारे ने छात्रों के समर्थन में आज एक दिन का मौन भी रखा था। समाचार एजेंसी ANI से बात करते हुए अन्ना हजारे ने कहा कि हिंसा से समस्या हल नहीं होगी, बल्कि काम और बढ़ेगा ही।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा दे देना चाहिए- अन्ना हजारे
अन्ना हजारे ने कहा, “मैंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखा था कि हिंसा के रास्ते से किसी भी मुद्दे का समाधान नहीं हो सकता। हिंसा से समस्या हल नहीं होगी, बल्कि काम और बढ़ेगा ही। मैंने 22 बार भूख हड़ताल की, लेकिन कभी हिंसा का सहारा नहीं लिया। छात्रों और युवाओं की ताकत देश की ताकत है। अगर वे गलत रास्ते पर जाते हैं, तो यह गलत होगा। उन्हें (शिक्षा मंत्री को) इस्तीफा दे देना चाहिए। मैंने कहा था कि जनता ही मालिक है और मंत्री व अधिकारी सभी सेवक हैं। अगर कोई काम करना है, तो वह तभी किया जाना चाहिए जब जनता को लगे कि उसे किया जाना चाहिए। लाठीचार्ज गलत है।”
अन्ना हजारे ने कहा कि जब भी कोई काम करना हो, अगर जनता को लगता है कि ऐसा होना चाहिए और अगर बड़ी संख्या में लोग इसकी मांग करते हैं, तो इसे किया जाना चाहिए।
‘लाठीचार्ज करना गलत है’
20 जुलाई को जंतर-मंतर पर सीजेपी के नेतृत्व में हुए प्रदर्शनों के दौरान पुलिस कार्रवाई का जिक्र करते हुए अन्ना हजारे ने दिल्ली पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग की आलोचना की। उन्होंने कहा, “लाठीचार्ज करना गलत है। मैंने कई विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्व किया है, लेकिन ऐसी स्थिति कभी नहीं आई। लाठीचार्ज नहीं हुआ और न ही कोई हिंसा हुई। अभी मैं यह नहीं कह सकता कि सरकार सत्ता का दुरुपयोग कर रही है या नहीं। इसकी जांच होनी चाहिए।”
पीएम मोदी को लिखे पत्र में अन्ना हजारे ने प्रदर्शनकारी छात्रों और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को बेहद दर्दनाक बताया। उन्होंने कहा कि पेपर लीक, भर्ती में देरी और बेरोजगारी को लेकर जनता के गुस्से को सामाजिक मुद्दे के रूप में देखा जाना चाहिए।
