गरबा और डांडिया में मुसलमानों के शामिल होने पर रोक लगे, तिलक लगाना होगा: नितेश राणे
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महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और भाजपा नेता नितेश राणे ने विश्व हिंदू परिषद की उस अपील का समर्थन किया, जिसमें नवरात्र के दौरान पूरे राज्य में गरबा और डांडिया कार्यक्रमों में मुसलमानों के शामिल होने पर रोक लगाने की बात कही गई है। उन्होंने कहा कि उत्सव स्थल पर आने वालों को प्रवेश मिलने से पहले अपनी पहचान की पुष्टि करवानी होगी और हनुमान चालीसा का पाठ करना होगा। विहिप ने पिछले हफ्ते कहा था कि उसने राज्य में गरबा और डांडिया कार्यक्रमों में मुसलमानों के शामिल होने पर रोक लगाने का फैसला किया है। इसके लिए आधार सत्यापन और प्रतिभागियों के माथे पर तिलक लगाने जैसी पड़ताल की जाएगी।
नितेश राणे ने आरोप लगाया कि ऐसे त्योहारों के दौरान लव जिहाद के मामले बढ़ जाते हैं। उन्होंने विहिप की मांग का समर्थन करते हुए कहा, ‘जो लोग मूर्ति पूजा नहीं करते, उन्हें हिंदू धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल नहीं होना चाहिए। गरबा में आने वालों को प्रवेश मिलने से पहले अपनी पहचान दिखानी होगी और हनुमान चालीसा का पाठ करना होगा।’ डीजे के इस्तेमाल पर राणे ने कहा कि सभी धार्मिक जुलूसों पर नियम एक समान रूप से लागू होने चाहिए। उन्होंने कहा, ‘अगर गणेश उत्सव के दौरान डीजे बजाने की इजाजत नहीं है, तो ईद के जुलूसों पर भी वैसी ही पाबंदियां लागू होनी चाहिए।’
नितेश राणे ने दावा किया कि हाल ही में ईद के जुलूसों के दौरान देर रात तक तेज आवाज में संगीत बजाया गया। उन्होंने कहा कि हिंदू समुदाय अदालत के आदेशों और ध्वनि संबंधी नियमों का पालन करता है। उन्होंने उत्तर प्रदेश में कुछ जगह कांवड़ यात्रा कार्यक्रमों के दौरान कथित तौर पर अश्लील नृत्य को लेकर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे की टिप्पणियों की भी आलोचना की। राणे ने सवाल किया कि हिंदू रीति-रिवाजों की ही आलोचना क्यों की जाती है, जबकि मुस्लिम धर्मगुरुओं के बयानों पर वैसी चर्चा नहीं होती। भाजपा नेता ने कहा कि कुछ लोग हिंदू धर्म और सनातन धर्म को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं।
राहुल गांधी के छात्रों की गूंज अभियान की आलोचना करते हुए नितेश राणे ने कहा कि कांग्रेस नेता केवल हिंदू संस्कृति को बदनाम करने के लिए मनुस्मृति और हिंदू परंपराओं से संबंधित मुद्दे उठा रहे हैं। राणे ने दिशा सालियान की मौत के मामले में शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे पर भी निशाना साधा। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर वर्ली के विधायक का इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है, तो ठाकरे के वकील ने अदालत में दखल देने की अर्जी क्यों दायर की। राणे ने कहा कि यह एक लड़की के साथ सामूहिक बलात्कार और उसकी हत्या का मामला है, न कि कोई राजनीतिक मुद्दा।
