विपक्ष का प्रोटेस्ट पार्ट-2… काले कपड़ों में संसद पहुंचे सभी MP, राहुल-प्रियंका-अखिलेश ने संभाली कमान
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कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों के नेताओं ने बुधवार को संसद भवन के मकर द्वार पर काले कपड़े पहनकर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया. ये प्रदर्शन नीट पेपर में धांधली के खिलाफ छात्रों के आंदोलनों और शिक्षा व्यवस्था में जारी अशांति से निपटने के सरकार के तरीके के खिलाफ आयोजित किया गया है. इस दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य सांसदों को दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने और जंतर-मंतर पर सीजेपी कार्यकर्ताओं व छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में विपक्षी दलों ने एक साथ आकर अपनी नाराजगी जताई है.
संसद भवन परिसर में आयोजित कांग्रेस के प्रदर्शन में शामिल हुईं प्रियंका ने कहा कि हमारे साथ जो हुआ, वह अहम नहीं है. आप (मीडिया) मुझे बताएं कि छात्रों के साथ जो हुआ, वह सही है या गलत? छात्रों की मांगें जायज हैं और वो अपने हक की बात कर रहे हैं. शिक्षा का बजट 1.4 लाख करोड़ रुपये है, लेकिन आप अडानी और अंबानी का 16 लाख करोड़ रुपये का कर्ज़ माफ कर रहे हैं. छात्रों का संघर्ष जायज है और वह बदलाव चाहते हैं. बार-बार पेपर लीक हो रहे हैं… शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन में कुछ भी अलोकतांत्रिक नहीं है, लेकिन छात्रों और संसद में जो हो रहा है, वह अलोकतांत्रिक है.
कांग्रेस सांसद सैयद नसीर हुसैन ने बताया कि सभी विपक्षी सांसद प्रदर्शनकारी छात्रों और सांसदों पर पुलिस के इस्तेमाल के विरोध में काले कपड़े पहनकर आए हैं.उन्होंने कहा कि विपक्ष चाहता है कि सरकार हठ छोड़कर छात्रों से संवाद करे और पूरी शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करे.
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने 20 जुलाई को छात्रों पर हुए लाठीचार्ज पर कड़ा आक्रोश जताया. उन्होंने आरोप लगाया कि बिना नेम टैग वाले लोग आकर हमला करते हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या विपक्ष और नेता प्रतिपक्ष इस बर्बरता पर चुप बैठे रहें और अपनी आवाज न उठाएं.
