सीईओ का चयन महीनेभर बाद, राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में कई अहम फैसले
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रामनगरी अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक हुई। इस बैठक में कई बड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। जो भी खामियां थी उन पर चर्चा हुई। बैठक में फैसला हुआ कि राम मंदिर ट्रस्ट का एक प्रवक्ता नियुक्त होगा। सीईओ का चयन एक महीने बाद होगा। एक धार्मिक समिति का गठन किया गया है। धार्मिक समिति के अध्यक्ष गोविंद देवगिरी होंगे। धार्मिक समिति में वासुदेवानंद सरस्वती, विश्वप्रसन्नतीर्थ, दिनेन्द्र दास, कमलनयनदास, राजकुमारदास, रामानंददास और मिथिलेश नंदनी शरण नाम शामिल किया गया है। बैंक की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई गई। वित्तीय कमेटी समीक्षा कर निर्णय लेगी।

मंदिर सभी के नेतृत्व से मंदिर का संचालन होगा। अर्चकों के लिए प्रशिक्षण केंद्र बनेगा। बताया जा रहा है कि करीब ढाई घंटे चली बैठक में राम मंदिर के लिए प्रशासनिक व्यवस्थाओं और संगठनात्मक विषयों पर भी चर्चा हुई। कृष्ण मोहन ही अभी कार्यवाहक महासचिव रहेंगे। दो सितंबर को अगली बैठक में नए महासचिव, सीईओ के नामों का ऐलान हो सकता है।
चढ़ावा चोरी विवाद के बीच बुधवार को अपराह्न तीन बजे यहां श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक शुरू हुई, जिसमें नए महासचिव की नियुक्ति, ट्रस्टी के तीन खाली पदों को भरने और मंदिर के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की नियुक्ति पर विचार-विमर्श किया किया गया। इस विशेष बैठक के बाद ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के आवास मणिराम छावनी में ट्रस्ट की नियमित बैठक हुई।
18 जुलाई तक सीईओ पद के लिए आवेदन आमंत्रित किए थे
ट्रस्ट के सूत्रों ने बताया कि अधिकांश ट्रस्टी मंगलवार को अयोध्या पहुंचे थे, जबकि कुछ सदस्य दिल्ली और लखनऊ से डिजिटल माध्यम से बैठक में शामिल हुए। बैठक में कई अहम मुद्दों पर होंगे। सीईओ का चयन एक महीने बाद होगा। ट्रस्ट ने 18 जुलाई तक सीईओ पद के लिए आवेदन आमंत्रित किए थे। कुछ मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, 2500 से 5500 आवेदन प्राप्त हुए हैं, हालांकि कोई आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया गया है।
वरिष्ठ नौकरशाहों और पेशेवरों से आवेदन प्राप्त हुए हैं
चयन प्रक्रिया से जुड़े सूत्रों ने कहा कि प्रतिक्रिया ”जबरदस्त” थी, कथित तौर पर कई सेवानिवृत्त आईएएस और आईपीएस अधिकारियों, वरिष्ठ नौकरशाहों और पेशेवरों से आवेदन प्राप्त हुए हैं। विशेषज्ञ समिति को आवेदनों का मूल्यांकन करने और उपयुक्त उम्मीदवारों की सिफारिश करने का काम सौंपा गया है। इस समिति में सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली, सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी और एनआईटी, रायपुर के पूर्व अध्यक्ष सुरेश हवारे शामिल हैं। अंतिम नियुक्ति ट्रस्ट द्वारा की जाएगी।सीईओ का पद वित्तीय निगरानी को मजबूत बनाने, संस्थागत जवाबदेही में सुधार करने और मंदिर के दैनिक कामकाज को सुव्यवस्थित करने के लिए व्यापक प्रशासनिक बदलाव के तहत सृजित किया गया है।
