बरहज तहसील घटना पर अधिवक्ताओं में रोष, कार्रवाई की मांग
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देवरिया। बरहज तहसील की घटना को लेकर देवरिया तहसील बार एसोसिएशन की एक बैठक अध्यक्ष युगल किशोर तिवारी एवं मंत्री विजय सेन यादव की देखरेख में आयोजित की गई। बैठक में अधिवक्ताओं ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए प्रशासनिक अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए।
अध्यक्ष युगल किशोर तिवारी ने कहा कि बरहज तहसील की घटना अत्यंत निंदनीय है, जिसमें अधिकारियों की संलिप्तता भी सामने आ रही है। उन्होंने बताया कि वरिष्ठ अधिवक्ता विजेंद्र कुमार सिंह (पूर्व अध्यक्ष) के ग्राम लक्ष्मीपुर स्थित चकनाली पिछले दो वर्षों से उपयोग में थी, लेकिन ग्राम प्रधान, लेखपाल और एसडीएम बरहज की मिलीभगत से उक्त नाली को बंद कर सीसी सड़क निर्माण का प्रयास किया जा रहा था।
इसका विरोध करने पर अधिवक्ता और उनके पुत्रों को एसडीएम बरहज द्वारा एफआईआर दर्ज कर जेल भेजने की धमकी दी गई। अधिवक्ताओं का आरोप है कि इस धमकी के कारण ही अधिवक्ता विजेंद्र कुमार सिंह की मौत हुई।
बैठक में अधिवक्ताओं ने प्रस्ताव पारित कर जिलाधिकारी देवरिया एवं शासन से मांग किया कि ग्राम प्रधान, उनके पुत्रों, संबंधित लेखपाल एवं एसडीएम बरहज के विरुद्ध तत्काल एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी की जाए, साथ ही मृतक अधिवक्ता के परिजनों को उचित मुआवजा एवं सुरक्षा प्रदान करने की भी मांग की गई।
अधिवक्ताओं ने प्रशासन के विरुद्ध नारेबाजी करते हुए चेतावनी दिया कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
बैठक में विजय शरण यादव, शशिभूषण पांडेय, राम छबीला यादव, राकेश शाही, विष्णु गुप्ता, रजत श्रीवास्तव, अजय कुमार, रविंद्र यादव, राजाराम प्रसाद, विवेकानंद पूर्ववार एवं पूर्व अध्यक्ष सामंत मिश्रा सहित अनेक अधिवक्ता उपस्थित रहे।
