Prakash veg

Latest news uttar pradesh

अनंत सिंह जेल से छूटे, भोज शुरू, 129 दिन बाद जीत का जश्न, कल पटना से बड़हिया 120 KM लंबा रोड शो

1 min read

मोकामा के चर्चित और बाहुबली विधायक अनंत सिंह हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद बेउर जेल से छूट गए हैं। बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान मोकामा टाल में पुराने दबंग दुलारचंद यादव की हत्या के केस में 1 नवंबर को गिरफ्तार अनंत सिंह 142 दिनों से जेल में बंद थे। पटना हाईकोर्ट से गुरुवार को अनंत सिंह को जमानत मिली थी, लेकिन औपचारिकताएं पूरी करने में तीन दिन समय लग गया। मोकामा सीट के विधानसभा चुनाव में बाहुबली पूर्व सांसद सूरजभान सिंह की पूर्व एमपी पत्नी वीणा देवी को हराने वाले अनंत सिंह के पटना आवास पर चुनाव नतीजों के 129 दिनों के बाद जीत का जश्न शुरू हो गया है। जेल से निकलकर अनंत सिंह अपने पटना आवास पर पहुंच गए हैं, जहां परिवार के सदस्यों और समर्थकों ने उनका जोरदार स्वागत किया है।

अनंत सिंह की बेल पर जेल से रिहाई के पहले ही उनके पटना आवास पर मिठाइयों के साथ-साथ हजारों लोगों के भोजन का इंतजाम शुरू हो गया था। अनंत सिंह अब मंगलवार को पटना से लगभग 120 किलोमीटर लंबा रोड शो करते हुए बड़हिया स्थित महारानी स्थान जाकर पूजा-अर्चना करेंगे। लखीसराय जिले के बड़हिया में स्थित मां बाला त्रिपुर सुंदरी का मंदिर है, जिसे शक्तिधाम का दर्जा हासिल है। इसे आस-पास के कई जिलों में बड़हिया के महारानी स्थान के नाम से जानते हैं। पटना से बड़हिया के बीच में एक बड़ा हिस्सा मोकामा विधानसभा क्षेत्र के अंदर आता है।

मोकामा में 30 अक्टूबर को चुनाव प्रचार के दौरान जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के कैंडिडेट अनंत सिंह और जन सुराज पार्टी (जेएसपी) के प्रत्याशी पीयूष प्रियदर्शी का काफिला आमने-सामने हो गया था। इस दौरान हुई झड़प में दुलारचंद यादव की हत्या हो गई थी, जो एक जमाने में मोकामा टाल के दबंग के तौर पर जाने जाते थे। हत्या से पहले दुलारचंद यादव ने अनंत सिंह ही पत्नी नीलम देवी पर काफी आपत्तिजनक बयान दिए थे। नीलम देवी उस समय मोकामा से राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) की विधायक थीं, लेकिन 2024 में सत्ता परिवर्तन के बाद जेडीयू के साथ हो गई थीं।

दुलारचंद यादव मर्डर केस में पुलिस ने अनंत सिंह को 1 नवंबर को गिरफ्तार किया था। तब से वह जेल में बंद थे। निचली अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी। 16 मार्च को अनंत सिंह राज्यसभा चुनाव में कोर्ट के आदेश पर मतदान के लिए विधानसभा लाए गए थे।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published.

https://slotbet.online/