गुजरात में भाजपा का कमाल, वोटिंग से पहले ही बना दिया जीत का ‘बड़ा रिकॉर्ड’; कांग्रेस-AAP को झटका
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भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपने सबसे मजबूत राजनीतिक गुजरात में जीत का एक और बड़ा रिकॉर्ड बना दिया है। खास बात यह है कि वोटिंग से पहले ही इतनी बड़ी जीत हासिल हो गई है। स्थानीय निकाय चुनाव में भगवा दल ने 700 से ज्यादा सीटों पर निर्विरोध जीत हासिल कर ली है। नामांकन वापस लेने के आखिरी दिन बुधवार को कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आप) के 400 से अधिक उम्मीदवारों ने चार घंटों के भीतर अपना नामांकन वापस ले लिया।
राज्य निर्वाचन आयोग ने नगर निगम, नगर परिषद, तालुका पंचायत, जिला पंचायत जैसे निकायों के लिए 9992 सीटों पर चुनाव का ऐलान किया है। 26 अप्रैल को इसके लिए वोटिंग होगी। स्क्रूटनी और नामांकन वापस लिए जाने के बाद 724 सीटों पर निर्विरोध निर्वाचन हो चुका है। अब कुल 9,237 सीटों के लिए 26 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे।
सभी निकायों में भाजपा ने सबसे अधिक दम नगर पालिकाओं में दिखाया है, जहां उसके 48 उम्मीदवार निर्विरोध जीत चुके हैं। काडी नगर पालिका में पार्टी को चुनाव से पहले ही दो तिहाई बहुमत मिल चुका है। इसके अलावा भाजपा को 8 अन्य नगर पालिकाओं में निर्विरोध सत्ता मिलने जा रही है। इनमें बायद, गंदेवी और शेहरा नगर पालिकाएं शामिल हैं। तालुका पंचायतों की बात करें तो कुल 260 में से 6 में भाजपा को निर्विरोध बहुमत मिल चुका है।
जिन 9 नए गठित नगर निगम के लिए चुनाव हो रहे हैं उनमें से भाजपा के 40 उम्मीदवार निर्विरोध जीत चुके हैं। इनमें से 11 पोरबंदर, 12 आणंद और पांच मेहसाणा में हैं। वोडदरा और अहमदाबाद नगर निगम में भी दो-दो भाजपा उम्मीदवार जीत हासिल कर चुके हैं।
नामांकन वापसी के दिन राज्य के कई जिलों वडोदरा, सूरता, मेहसाणा और बनासकांठा में हाई वोल्टेज ड्रामा हुआ। मामलातदार और प्रांत अधिकारियों के दफ्तरों में तीन घंटे तक अफरातफरी मची रही क्योंकि बड़ी संख्या में उम्मीदवार नामांकन वापसी के लिए पहुंच गए। कांग्रेस और आप के नेताओं ने भाजपा पर उम्मीदवारों की खरीद-फरोख्त का आरोप लगाया। कई इलाकों में राजनीतिक दलों के बीच टकराव की स्थिति भी उत्पन्न हुई। लेकिन पुलिस ने स्थिति को संभाल लिया।
2027 विधानसभा चुनाव से पहले निकाय चुनावों को सेमीफाइनल के तौर पर देखा ज रहा है। भाजपा और कांग्रेस के अलावा आम आदमी पार्टी भी खूब दमखम लगा रही है। आप के मुखिया अरविंद केजरीवाल कई सभाएं कर चुके हैं। निर्विरोध उम्मीदवारों की जीत के पैटर्न की बात करें तो भाजपा ने इस बार बहुत बड़ी छलांग लगाई है। 2015 में निकाय चुनावों में जहां भाजपा के महज 37 उम्मीदवार निर्विरोध जीते तो 2021 में इनकी संख्या बढ़कर 220 हो गई। इस बार यह आंकड़ा 700 के पार चला गया है। नामांकन वापसी के बाद भाजपा, कांग्रेस और आप के 25,516 उम्मीदवार मैदान में हैं।
