फर्जी वरासत से सरकारी धन के दुरुपयोग का मामला , डीएम के निर्देश पर केस दर्ज
1 min readदेवरिया। जनपद में फर्जी वरासत दर्ज कर सरकारी धन के दुरुपयोग का एक पुराना मामला जांच में उजागर हुआ है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने, विभागीय कार्रवाई करने और अवैध रूप से प्राप्त धनराशि की वसूली के निर्देश दिए हैं।
मामला तहसील सलेमपुर के ग्राम पडरीगजराज का है। अभिलेखों के अनुसार गाटा संख्या 34 व 25 के मूल खातेदार फेकू पुत्र सुखन थे, जिनकी करीब 30 वर्ष पहले मृत्यु हो चुकी है और उनके कोई वैध वारिस नहीं हैं। जांच में पता चला कि फरवरी 2024 में ग्राम प्रधान के पति रामप्रताप ने तत्कालीन लेखपाल अजय कुमार यादव और राजस्व निरीक्षक धर्मप्रकाश सिंह की मिलीभगत से माया देवी के नाम फर्जी वरासत दर्ज करा दी।
इसके बाद भूमि का एक हिस्सा पंचायत भवन निर्माण के लिए 66.67 लाख रुपये में बैनामा कर दिया गया, जबकि एनएच-727बी परियोजना के लिए अधिग्रहण में भी मुआवजा मिला। इस तरह माया देवी को कुल 74.03 लाख रुपये प्राप्त हुए।
जांच में धनराशि का कुछ हिस्सा ग्राम प्रधान पति और अन्य खातों में ट्रांसफर होने की भी पुष्टि हुई। डीएम के निर्देश पर लेखपाल को निलंबित कर दिया गया है और राजस्व निरीक्षक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की गई है। साथ ही मुआवजा राशि की वसूली और भूमि को राज्य सरकार में निहित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
