यूजीसी के नए नियम क्या हैं जिन पर हो रहा है विवाद?
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उत्तर प्रदेश में बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है.
उत्तर प्रदेश सरकार ने उनके ख़िलाफ़ अनुशासनात्मक कार्रवाई का आदेश दिया है.
लेकिन अलंकार अग्निहोत्री ने अपने इस्तीफ़े की जो वजह बताई उससे एक बार फिर यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन यानी विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए नियमों पर बहस केंद्र में आ गई है.
अलंकार अग्निहोत्री ने पत्रकारों से बात करते हुए आरोप लगाया कि, उत्तर प्रदेश में ‘ब्राह्मण विरोधी अभियान’ चल रहा है.
साथ ही उन्होंने कहा, “मेरे इस्तीफ़े की दूसरी वजह है यूजीसी के नए नियम जो एक तरह से सामान्य वर्ग के सभी छात्र, छात्राओं को अपराधी घोषित करते हैं. ये नियम जनरल कैटेगरी विरोधी हैं”
जिस यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन यानी यूजीसी (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) के नोटिफ़िकेशन की बात को अलंकार अग्निहोत्री ने अपने इस्तीफ़े की वजह बताया है, वो आख़िर है क्या और उस पर सामान्य वर्ग के लोगों की तीखी प्रतिक्रिया क्यों आ रही है?
सोशल मीडिया पर लोग क्यों इसका जमकर विरोध कर रहे हैं?
करणी सेना जैसे संगठनों ने क्यों इसके ख़िलाफ़ सड़कों पर उतरने का फ़ैसला किया है?
