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Uttar Pradesh

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देवरिया। उत्तर प्रदेश सहकारी समिति अधिनियम 1965 एवं सहकारी समिति निर्वाचन नियमावली 2014 के अंतर्गत उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास...

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देवरिया। जनपद के सदर विकास खंड के संविलियन विद्यालय महुई में विद्यालय परिसर के कथित दुरुपयोग एवं सोशल मीडिया पर...

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देवरिया। ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत देवरिया पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। प्रभावी पैरवी के चलते हत्या के एक मामले...

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देवरिया। खान अब्दुल गफ्फार खान गांधी के स्मृति दिवस पर रामपुर कारखाना विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत डुमरी स्थित समाजवादी पार्टी जनसंपर्क...

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देवरिया। पुलिस उप महानिरीक्षक गोरखपुर परिक्षेत्र एस. चन्नप्पा ने पुलिस लाइन सभागार में अपराध गोष्ठी को सम्बोधित किया। गोष्ठी में...

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देवरिया। मुख्य विकास अधिकारी राजेश सिंह ने सोमवार को सदर विकास खंड अंतर्गत बहु-उद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति लिमिटेड पिपरा...

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देवरिया। बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के चुनाव को लेकर अधिवक्ताओं में उत्साह का माहौल है। इसी क्रम में सिविल...

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने नोटिस को लेकर क्या कहा? इस मामले पर अपना पक्ष रखने के लिए अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने प्रेस क्रॉन्फ्रेंस बुलाई है। इसके अलावा अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा है, "प्रशासन ये नहीं तय करेगा कि कौन शंकराचार्य है और कौन नहीं है। भारत के राष्ट्रपति भी शंकराचार्य नहीं तय कर सकते, शंकराचार्य वही हैं, जिनको तीनों शंकराचार्य मानें और 2 पीठ के शंकराचार्य हमको लेकर पिछले माघ मेले में स्नान कर चुके हैं।" स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने अपने पद की वैधता को लेकर स्पष्ट कहा कि शास्त्रीय परंपरा के अनुसार वही व्यक्ति शंकराचार्य होता है, जिसे अन्य पीठों के शंकराचार्य मान्यता देते हैं। उन्होंने बताया कि शृंगेरी और द्वारका पीठ के शंकराचार्य उन्हें विधिवत स्वीकार करते हैं और पिछले माघ मेले में उनके साथ शाही स्नान भी कर चुके हैं, जबकि पुरी पीठ के शंकराचार्य ने भी उनके विरुद्ध कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई है और सर्वोच्च न्यायालय में दाखिल हलफनामे में भी विरोध का कोई उल्लेख नहीं है। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि किसी भी प्रशासनिक अधिकारी, मुख्यमंत्री या राष्ट्रपति को यह तय करने का अधिकार नहीं है कि शंकराचार्य कौन है, क्योंकि यह धर्म का आंतरिक विषय है, जिसका निर्णय केवल शंकराचार्य परंपरा के अनुसार ही हो सकता है। उन्होंने स्वयं को ज्योतिष्पीठ का निर्विवाद शंकराचार्य बताते हुए कहा कि जो लोग उनके पद पर सवाल उठा रहे हैं, वे दूषित भावना से प्रेरित हैं और यदि कोई अन्य व्यक्ति स्वयं को शंकराचार्य मानता है तो वह सामने आकर शास्त्रार्थ या खुली चर्चा करे। 1 min read

प्रयागराज: यूपी के प्रयागराज से बड़ी खबर है। मौनी अमावस्या पर ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को रोके जाने...

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