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प्रिंस विलियम की दादी के 70 सालों के शासन से बहुत अलग है. यह एक सत्तावादी शासन और निरंकुश राजशाही है, लेकिन यह सांस्कृतिक रूप से विविधतापूर्ण है और देश तेल के अलावा अन्य माध्यमों से अपनी अर्थव्यवस्था को विकसित करने का प्रयास कर रहा है. सऊदी अरब अंतरराष्ट्रीय मनोरंजन समारोहों और खेल आयोजनों को बढ़ावा दे रहा है, जैसे कि रियाद कॉमेडी फेस्टिवल, जिसमें पिछले साल डेव चैपल, केविन हार्ट, बिल बर्र और अन्य नामी हस्तियों ने हिस्सा लिया था. इसके अलावा इसके कैलेंडर में जेद्दा में रेड सी इंटरनेशनल फ़िल्म फ़ेस्टिवल, सऊदी फॉर्मूला वन ग्रां प्री है और 2034 मेंस फ़ुटबॉल वर्ल्ड कप की मेजबानी करने के लिए भी तैयार है. 1 min read

ब्रिटेन के प्रिंस विलियम ब्रिटिश सरकार के अनुरोध पर सऊदी अरब की यात्रा पर जा रहे हैं. लेकिन सऊदी अरब...

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अभिनेता से नेता बने कमल हासन ने बुधवार को राज्य सभा में एक चेतावनी दी और कहा कि इसे नज़रअंदाज़...

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Bengal SIR hearing in Supreme Court LIVE: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बुधवार को राज्य में मतदाता सूचियों के चल...

और इसी वजह से इस डील से कई ऐसे सवाल खड़े हो गए हैं जिनके जवाब अभी तक मालूम नहीं हैं. 1 min read

सोमवार दो फरवरी को भारत और अमेरिका ने एक नए व्यापार समझौते या ट्रेड डील की घोषणा की. पिछले कुछ...

अगर पाकिस्तान और भारत की टीमें सुपर-8 में पहुँचती हैं, तो दोनों अलग-अलग ग्रुप में होंगी. यानी यह दोनों टीमें शुरुआती चरण के बाद सेमीफ़ाइनल या फ़ाइनल में ही आमने-सामने आ सकती हैं. 1 min read

सात फ़रवरी से शुरू होने वाले टी-20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान के भारत के ख़िलाफ़ अपना ग्रुप मैच खेलने से...

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि रूस से तेल ख़रीद बंद करने पर भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी...

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इतवार, 1 फ़रवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का बजट भाषण सुनने के बाद आपको लग सकता है कि इसमें...

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ब्रिटेन के प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर ने कहा है कि एंड्रयू माउंटबेटन-विंडसर को दोषी यौन अपराधी जेफ़री एपस्टीन के साथ अपने...

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कांग्रेस नेता नवजोत कौर सिद्धू ने शनिवार को पार्टी छोड़ने की घोषणा की. उन्होंने अपने एक्स अकाउंट पर इसकी जानकारी...

ग्राफ़िक भारत का पहला बजट स्वतंत्र भारत का पहला बजट षणमुगम चेट्टि ने 26 नवंबर 1947 को पेश किया था. हालांकि इसमें सिर्फ़ अर्थव्यवस्था की समीक्षा की गई थी और कोई टैक्स नहीं लगाया गया था. षणमुगम शेट्टी के बाद वित्त मंत्री जॉन मथाई ने पहला संयुक्त-भारत बजट पेश किया था, इसमें रजवाड़ों के तहत आने वाले विभिन्न राज्यों का वित्तीय ब्योरा भी पेश किया गया था. ग्राफ़िक बजट छपने से पहले हलवा सेरेमनी बजट की छपाई की शुरुआत हर साल नॉर्थ ब्लॉक में हलवा सेरेमनी से होती है. वित्त मंत्रालय में एक बड़ी कढ़ाही में हलवा बनाया जाता है. वित्त मंत्री और वित्त मंत्रालय के सभी अधिकारी इस कार्यक्रम में शामिल होते हैं. वहां मौजूद लोगों में हलवा बांटा जाता है. कोविड महामारी के दौरान हलवा सेरेमनी नहीं हुई थी. ग्राफ़िक बजट पेश करने की तारीख़ में बदलाव साल 2016 तक भारत में फ़रवरी महीने के आख़िरी दिन आम बजट पेश किया जाता था. लेकिन 2017 में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बजट पेश करने का दिन बदलकर 1 फ़रवरी कर दिया. ग्राफ़िक रेल बजट को आम बजट में मिला दिया गया 2017 से पहले रेल बजट अलग से पेश किया जाता था लेकिन 2017 में इसे आम बजट में मिला दिया गया. ग्राफ़िक जब पहली महिला वित्त मंत्री ने बजट पेश किया इंदिरा गांधी पहली महिला वित्त मंत्री थीं, जिन्होंने बजट पेश किया. उन्होंने वित्त मंत्री के तौर पर 1970 में बजट पेश किया था. पीएम के अलावा उनके पास वित्त मंत्रालय का भी प्रभार था. 1955 तक बजट सिर्फ़ अंग्रेज़ी में छपता था लेकिन इसके बाद कांग्रेस सरकार ने इसे हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में छापने की परंपरा शुरू की. ग्राफ़िक्स सबसे लंबा और छोटा बजट भाषण मौजूदा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का 2020 का बजट भाषण सबसे लंबा बजट भाषण था. यह बजट भाषण दो घंटे 40 मिनट का था. हीरूभाई मूलजीभाई पटेल ने 1977 में अंतरिम बजट पेश किया था. उनका बजट भाषण सिर्फ 800 शब्दों का था. ग्राफ़िक्स जब बजट प्रस्ताव लीक होने से देना पड़ा इस्तीफ़ा 1950 में वित्त मंत्री थे जॉन मथाई. छपाई के दौरान केंद्रीय बजट पेश होने से पहले लीक हो गया. इसके बाद प्रिटिंग प्रक्रिया को राष्ट्रपति भवन से मिंटो रोड स्थित सरकारी प्रिंटिंग प्रेस में स्थानांतरित कर दिया गया. बाद में इसे नॉर्थ ब्लॉक के बेसमेंट में स्थानांतरित कर दिया गया. इस बजट के बाद जॉन मथाई ने इस्तीफ़ा दे दिया था. ग्राफ़िक्स बजट पेश करने के वक़्त में बदलाव 1999 से पहले तक आम बजट फ़रवरी के आख़िरी कार्य दिवस को शाम 5 बजे पेश होता था लेकिन 1999 में जसवंत सिंह ने यह परंपरा बदलते हुए सुबह 11 बजे इसे पेश करने की परंपरा रखी. लेकिन 2017 में पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बजट का दिन फ़रवरी के पहले दिन कर दिया. इसके पीछे तर्क था कि बजट प्रस्तावों को मंज़ूरी के बाद 1 अप्रैल से लागू किया जा सके. क्योंकि फ़रवरी के अंत में बजट पेश करने से मंज़ूरी की प्रक्रियाओं में एक दो महीने लग जाते थे और इसे लागू करने में मई-जून तक का समय लग जाता था. ग्राफ़िक्स ब्रीफ़केस से बही खाता तक पहले वित्त मंत्री बजट दस्तावेज़ों को ब्रीफ़केस में लेकर आते थे. लेकिन निर्मला सीतारमण 2019 में एक फ़ाइल में बजट के दस्तावेज़ लेकर आईं. उस फ़ाइल पर राष्ट्रीय प्रतीक छपा था. इसे बही खाता कहा गया. दरअसल बजट फ्रेंच शब्द bougette से निकला है, जिसका मतलब होता है ब्रीफ़केस. ग्राफ़िक्स पेपरलेस बजट 2021 में निर्मला सीतारमण ने एक टैबलेट से बजट भाषण पढ़ा था. हालांकि 2018 में यह परंपरा आंध्र प्रदेश और असम में शुरू हो गई थी लेकिन केंद्र में टेक्नोलॉजी को अहमियत देते हुए 2021 में ही पेपरलेस बजट की शुरुआत हुई. 1 min read

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण रविवार को संसद में बजट पेश करेंगी. उनका यह लगातार नौवां आम बजट है. इसके...

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