कफ सिरप केस: शुभम का शागिर्द अमित यादव वाराणसी से गिरफ्तार, CM योगी ने सदन में नाम लिया था
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लखनऊ में कफ सिरप की अवैध तस्करी के मामले में एसटीएफ को बड़ी सफलता हाथ लगी है। बड़ा गणेश मंदिर (मैदागिन) निवासी अमित यादव की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में कई अहम खुलासे हुए हैं, जिनसे इस पूरे नेटवर्क की परतें खुलने लगी हैं। एसटीएफ अधिकारियों के अनुसार, अमित यादव लंबे समय से कोडिनयुक्त कफ सिरप की तस्करी से जुड़ा हुआ था और स्थानीय स्तर पर नेटवर्क संभालने में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका थी।
पूछताछ में अमित यादव ने बताया कि उसकी मुलाकात शुभम जायसवाल से हरिश्चंद्र डिग्री कॉलेज में पढ़ाई के दौरान हुई थी। छात्रसंघ चुनाव के समय दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और शुभम उस समय अमित का समर्थक बनकर उसके लिए कैंपेनिंग करता था। समय के साथ उनकी दोस्ती गहरी होती गई और बाद में दोनों अवैध कारोबार में भी शामिल हो गए। एसटीएफ के मुताबिक, अमित शैली ट्रेडर्स के जरिए कोडिनयुक्त कफ सिरप की सप्लाई और तस्करी में सक्रिय था। वह बड़ी खेप को सुरक्षित स्थानों पर स्टोर कराने की जिम्मेदारी भी निभाता था।
जांच में सामने आया है कि एबॉट कंपनी की फेंसिडील कफ सिरप का बड़े स्तर पर अवैध कारोबार रांची और बनारस से संचालित हो रहा था। एसटीएफ टीम, जिसमें निरीक्षक अंजनी कुमार पांडेय, आदित्य कुमार सिंह, हेड कांस्टेबल गौरव सिंह, सुनील सिंह और अखिलेश शामिल थे, ने कार्रवाई करते हुए अमित यादव को गिरफ्तार किया। अधिकारियों का कहना है कि उसके जरिए कई अन्य लोगों और फर्मों के नाम भी सामने आए हैं, जिनकी भूमिका की जांच जारी है।
अमित यादव की गिरफ्तारी के बाद उसकी जीवनशैली में अचानक आए बदलाव भी जांच के दायरे में हैं। बीते दो वर्षों में उसने तेजी से आर्थिक उन्नति दिखाई। बड़ा गणेश मंदिर के पीछे नवापुरा स्थित नरसिंह चौतरा क्षेत्र में अपने घर के पास उसने एक होटल का निर्माण कराया। इसके अलावा उसके पास एक महंगी एसयूवी भी है। चर्चा है कि यह वाहन पिछले दीपावली पर शुभम जायसवाल द्वारा उपहार स्वरूप दिया गया था। सूत्रों के मुताबिक, अमित स्थानीय स्तर पर नेटवर्क को मजबूत करने और स्टॉकिस्ट के रूप में काम करता था।
इस बीच, जांच के दौरान कफ सिरप तस्करी के तार झारखंड के धनबाद से भी जुड़ते मिले हैं। जानकारी के अनुसार, धनबाद की छह फर्मों ने रांची के तुपुदाना निवासी व शैली ट्रेडर्स के संचालक भोला प्रसाद जायसवाल से कोडिनयुक्त कफ सिरप खरीदी थी। इसके बाद रांची की विशेष टीम ने धनबाद पुलिस के साथ मिलकर छह अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की। एसटीएफ का कहना है कि मामले में अंतरराज्यीय नेटवर्क सक्रिय है और आगे भी कई गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
