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यूपी में घर-घर जाएगी भाजपा; गांव-गांव लगेंगी चौपाल, प्रधान, सरपंच और बीडीसी सब होंगे शामिल

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कभी राम मंदिर को लेकर जनता के बीच जाने वाली भाजपा अब वीबी-जीरामजी विधेयक को लेकर बड़ी मुहिम छेड़ेगी। पार्टी इसके लिए घर-घर जाएगी। लोगों को मनरेगा की खामियां और विकसित भारत-गारंटी फॉर रोज़गार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) विधेयक की खूबियां गिनाएगी। यूपी सहित देशभर में जिला और मंडल या ब्लॉक स्तर पर सम्मेलन किए जाएंगे। गांवों में चौपाल लगेंगी। इस अभियान के जरिए पार्टी विपक्ष द्वारा योजना के नाम को लेकर कही जा रही बातों का जवाब भी देगी।

इस नये अभियान को लेकर पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने यूपी सहित सभी राज्यों को पत्र जारी किया है। इसमें अभियान की रूपरेखा के साथ ही पूरी योजना समय सारिणी के साथ बताई गई है। पार्टी का कहना है कि यह कानून ग्रामीण विकास को नई गति देने वाला है और इससे काम के दिन 100 से बढ़ाकर 125 किए गए हैं। पार्टी का यह पूरा अभियान किसानों और खेत-मजदूरों को सरल भाषा में नए कानून के लाभ समझाने पर केंद्रित रहेगा। इसके साथ ही विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम का तथ्य और जमीनी उदाहरणों के आधार पर खंडन किया जाएगा। नेतृत्व का निर्देश है कि इस कानून को विकसित भारत के लक्ष्य से जुड़े व्यापक ग्रामीण परिवर्तन के रूप में प्रस्तुत किया जाए।

जनसंपर्क बैठकें भी होंगी

अभियान के लिए पांच सदस्यीय प्रदेश और चार सदस्यीय जिला समितियां बनाई जाएंगी। जनसंपर्क बैठकें होंगी। जिला पंचायत, ब्लॉक प्रमुख, सरपंच और सहकारी समितियों के प्रतिनिधियों के सम्मेलन किए जाएंगे। ग्राम पंचायतों में चौपाल लगाकर किसानों और श्रमिकों से सीधी बात की जाएगी। अभियान के दौरान गांव-गांव संपर्क किया जाएगा। सही और प्रामाणिक जानकारी घर-घर पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। ब्लॉक मुख्यालयों पर किसान पदयात्रा, ट्रैक्टर रैली और बैलगाड़ी रैली जैसे कार्यक्रम भी कराने की योजना है। किसान संगठनों और श्रमिक समूहों से संवाद बढ़ाने पर विशेष जोर रहेगा।

समन्वय समिति में अरुण-चाहर, रेखा शामिल

पार्टी ने अभियान के लिए राष्ट्रीय स्तर पर समन्वय समिति गठित की है। इसमें राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह, किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजकुमार चाहर, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रेखा वर्मा, राष्ट्रीय मंत्री ओपी धनखड़ व किसान मोर्चा के शंभू कुमार को शामिल किया गया है। इस अभियान में कृषि और ग्रामीण विकास से जुड़े मंत्रियों सहित संसद से लेकर पंचायत तक सभी निर्वाचित प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। दीवार लेखन, प्रचार सामग्री और लोक माध्यमों के जरिए जानकारी व्यापक स्तर पर पहुंचाने की तैयारी है।

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