Gen Z से महिलाओं तक… यूपी चुनाव से पहले राजनीतिक दलों के बीच छिड़ी सियासी जंग
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उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में अब छह महीने से भी कम समय बचा है। ऐसे में राज्य में कल्याणकारी योजनाओं और वोटरों को साधने की राजनीति तेज हो गई है। सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ विपक्षी समाजवादी पार्टी(SP) और बहुजन समाज पार्टी (BSP) भी युवा और महिला मतदाताओं को अपने पाले में करने की कोशिश में जुटी हैं।
युवाओं और Gen Z पर फोकस
मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनकी सरकार अगले छह महीनों में एक लाख युवाओं को नियुक्ति पत्र देगी। एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दावा किया कि भाजपा सरकार के नौ साल के कार्यकाल में 9.30 लाख से ज्यादा युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है।
मुख्यमंत्री की यह घोषणा ऐसे समय में आई है, जब परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों और युवाओं के एक वर्ग में नाराजगी देखने को मिल रही है। हाल के दिनों में इसके खिलाफ अलग-अलग राज्यों में प्रदर्शन भी हुए हैं। दिल्ली के जंतर-मंतर से लेकर झारखंड और बिहार तक।
उत्तर प्रदेश में भी ऐसे विरोध प्रदर्शन देखने को मिले हैं। मई में प्रयागराज और जून में लखनऊ में छात्रों और युवाओं ने प्रदर्शन किया था। ये प्रदर्शन पुलिस भर्ती, लेखपाल भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और NEET पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर हुए थे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का विरोध करते हुए बसपा प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने उनकी घोषणा के समय पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकारी नौकरियां प्रदान करना एक सही कदम है, लेकिन यह विधानसभा चुनावों से पहले एक चुनावी पैंतरेबाजी हो सकती है।
मायावती ने आरक्षित पदों की लंबित संख्या और 69,000 शिक्षकों की भर्ती को लेकर आरक्षित श्रेणियों के 6,800 उम्मीदवारों द्वारा जारी विरोध प्रदर्शनों का मुद्दा भी उठाया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बचाव करते हुए भाजपा ने कहा कि एक लाख सरकारी नौकरियां सुनिश्चित करने के उनके वादे को पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा राज्य में युवाओं को रोजगार प्रदान करने के पिछले रिकॉर्ड के संदर्भ में देखा जाना चाहिए।
भाजपा सरकार ने सरकारी नौकरियों से परे युवाओं के लिए अपने प्रस्तावों का विस्तार करने की कोशिश की है, जिसमें स्टार्टअप, कौशल विकास और निवेश का हवाला दिया गया है। आदित्यनाथ का कहना है कि उत्तर प्रदेश में अब युवाओं के लिए 24,000 से अधिक स्टार्टअप प्लेटफॉर्म हैं।
