प्यार, शादी और फिर पाकिस्तानी एजेंट से संपर्क… कैसे जासूसी नेटवर्क तक पहुंचे साहिल और समीरा?
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साल 2024 में 25 वर्षीय साहिल ने 21 साल की समीरा से शादी की थी। साहिल दिल्ली के एक वकील के यहां असिस्टेंट के तौर पर काम करता था, जबकि समीरा नोएडा के एक कॉल सेंटर में नौकरी करती थी। दोनों की मुलाकात करीब दो साल पहले एक पारिवारिक मित्र के जरिए हुई थी।
पुलिस के मुताबिक, समीरा इंस्टाग्राम के जरिए पाकिस्तान में बैठे एक कथित एजेंट के संपर्क में थी। आरोप है कि बाद में उसने साहिल की भी उस शख्स से बात कराई। पुलिस का दावा है कि कथित एजेंट ने दोनों को बताया कि इस काम के जरिए पैसे कमाए जा सकते हैं।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने शुक्रवार को दावा किया कि उसने पाकिस्तान स्थित जासूसी नेटवर्क से कथित संबंधों के आरोप में साहिल और समीरा को गिरफ्तार किया है।
साहिल और समीरा की ऐसे हुई थी मुलाकात
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, साहिल और समीरा की मुलाकात 2022 में हुई थी। इसके बाद दोनों ने एक-दूसरे के नंबर लिए और लगातार बातचीत करने लगे। 2024 तक दोनों ने एक-दूसरे से प्यार का इजहार किया और शादी करने का फैसला कर लिया। पुलिस से जुड़े एक अधिकारी के मुताबिक, इसी दौरान समीरा ने साहिल को इंस्टाग्राम पर एक पाकिस्तानी शख्स के बारे में बताया, जिससे वह कथित तौर पर संपर्क में थी।
डीसीपी (स्पेशल सेल) नारा चैतन्य ने कहा कि पाकिस्तानी एजेंट ने साहिल और समीरा की मुलाकात एक पाकिस्तानी खुफिया ऑपरेटिव (PIO) से कराई। धीरे-धीरे उस PIO ने दोनों को अपने नेटवर्क के लिए काम करने के लिए राजी कर लिया।
लिस ने बताया कि दंपति को कथित तौर पर आईएसआई से जुड़े लोगों द्वारा भारतीयों से संपर्क करने के लिए भारतीय सिम कार्ड की व्यवस्था करने का काम सौंपा गया था।
डीसीपी चैतन्य ने बताया कि 2024 और 2025 में साहिल और समीरा ने दुबई के रास्ते पाकिस्तान में आठ भारतीय सिम कार्ड भेजे, जिसके लिए उन्हें पाकिस्तानी एजेंटों द्वारा 30,000 रुपये का भुगतान किया गया था। पाकिस्तान में इन नंबरों पर व्हाट्सएप अकाउंट सक्रिय किए गए थे। इन अकाउंटों का इस्तेमाल जनहित अधिकारियों द्वारा भारतीयों से संपर्क करके संवेदनशील जानकारी एकत्र करने के लिए किया गया था।
पुलिस ने यह भी आरोप लगाया कि दंपति भारत में छावनी क्षेत्रों की रेकी करते थे और उन सैन्य कर्मियों के नाम खोजते थे जिनका कोर्ट मार्शल हो चुका था या जिनके खिलाफ सेना न्यायाधिकरण में मामले चल रहे थे। पुलिस ने दावा किया कि उन्हें अपने जैसे ही कर्मियों की भर्ती करने के लिए भी कहा गया था।
स्पेशल सेल ने दावा किया कि उसे सूचना मिली थी कि कुछ व्हाट्सएप नंबरों का इस्तेमाल पाकिस्तान से दिल्ली के लोगों से संपर्क करने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने इन सिम कार्डों के सोर्स का पता लगाया, जिससे वे साहिल तक पहुंचे। उसे निजामुद्दीन स्थित उसके घर से गिरफ्तार किया गया।
एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि साहिल द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर हमने उसकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है। हम उन अन्य लोगों का पता लगा रहे हैं जिन्हें उन्होंने भर्ती किया होगा।
डीसीपी ने बताया कि साहिल-समीरा और पाकिस्तानी हैंडलर्स के बीच व्हाट्सएप चैट समेत आपत्तिजनक बातचीत उनके मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच के दौरान मिली। पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स आमतौर पर एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन प्लेटफॉर्म के जरिए ओवर-ग्राउंड वर्कर्स/स्लीपर सेल से संपर्क करते हैं।
