गजब का UP चुनाव; कांग्रेस कहे सीट बढ़ाओ, अखिलेश यादव बोले गठबंधन बचाओ
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उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव तारीखों की घोषणा से पहले ही दिलचस्प हो गया है। वजह समाजवादी पार्टी और कांग्रेस में सीट शेयरिंग को लेकर जारी रस्साकशी है। कांग्रेस 150 सीटें पर चुनाव लड़ना चाहती है और सपा नेताओं का कहना है कि 50 सीटें कांग्रेस को दी गईं, तो भी बहुत है। विधानसभा सीटों की संख्या 403 के लिहाज से यूपी ही भारत का सबसे बड़ा राज्य है।
हालांकि, अब तक सपा और कांग्रेस में औपचारिक रूप से सीट शेयरिंग फॉर्मूला नहीं बन पाया है। राज्य में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। खबरें हैं कि सपा अपने साथी कांग्रेस को ऐसी सीटें देने पर फोकस कर रही है, जहां जीतने की ज्यादा संभावनाओं वाले उम्मीदवारों को पार्टी उतार सके। वहीं, कांग्रेस इस चुनाव को राज्य में संगठन को मजबूत करने और पैर जमाने के मौके के तौर पर देख रही है।
सपा सांसद एसपी सिंह पटेल साफ कर चुके हैं कि सीट शेयरिंग चुनावी जीतने की क्षमता और संगठन की ताकत के आधार पर तय होगी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने तो यह तक कह दिया है कि असल में हिस्सा 10 से 20 सीटें होना चाहिए। इधर, अखिलेश यादव कह चुके हैं, ‘मकसद जब साफ हो तो हाथ-में-हाथ होता है! निगाह मंजिल पर हो तो सफर आसान होता है!’
उन्होंने कहा, ‘बात बड़ी ये नहीं है कि गठबंधन में कितनी सीटें या कौन सी सीट किसके पास जा रही है, बात बड़ी ये है कि हम सबको ये सुनिश्चित करना है कि जीत गठबंधन की हो।’ उन्होंने कहा, ‘फिर दोहराते हैं : बात सीट की नहीं जीत की है।’
