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‘पूरी गलती गोपाल राव की…’, राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद पर ट्रस्ट के सदस्य महंत दीनेंद्र दास के आरोप

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श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य दीनेंद्र दास महाराज ने कथित राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर चल रहे विवाद पर चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने मंदिर के सहायक प्रशासक गोपाल राव को इस विवाद के लिए जिम्मेदार ठहराया है।

महंत दीनेंद्र दास महाराज ने आरोप लगाया कि गोपाल राव ने इस मामले को राजनीतिक रंग दिया और कहा कि पूरी गलती उन्हीं की है। आपको बता दें कि राम मंदिर के संचालन और दान राशि के प्रबंधन में गोपाल राव की भूमिका को लेकर पहले से ही सवाल उठ रहे हैं।

बुधवार को एएनआई के साथ बातचीत में महंत दीनेंद्र दास महाराज ने आरोप लगाया कि मंदिर के सहायक प्रशासक गोपाल राव ने बेवजह विवाद खड़ा किया और ट्रस्ट की सालों से चली आ रही परंपराओं से हटकर काम किया।

‘पूरी गलती गोपाल राव की’

महंत दीनेंद्र दास महाराज ने कहा, ”गोपाल राव हर बात को बेवजह उलझा देते हैं। उत्तर प्रदेश के हमारे ट्रस्टी भगवान राम की परंपराओं का पालन करते हैं लेकिन गोपाल राव उस परंपरा को भी नहीं मानते। इस पूरे मामले के लिए वही जिम्मेदार हैं और राजनीति कर रहे हैं।”

उनका यह बयान अयोध्या में राम मंदिर को मिले चंदे में कथित गबन के मामले की एसआईटी (विशेष जांच दल) द्वारा की जा रही जांच के बीच आया है। इस मामले को लेकर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी और विपक्ष के बीच तीखी राजनीतिक बयानबाजी भी जारी है।

वहीं, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कार्यालय प्रभारी प्रकाश गुप्ता ने कहा कि जांच निष्पक्ष होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जो दोषी हैं, उन्हें सजा मिलनी चाहिए लेकिन किसी निर्दोष व्यक्ति को बेवजह इस मामले में नहीं फंसाया जाना चाहिए।

‘दोषी बचने नहीं चाहिए’

प्रकाश गुप्ता ने कहा, ”मेरा साफ कहना है कि दोषी बचने नहीं चाहिए और किसी निर्दोष को भी इस मामले में नहीं फंसाया जाना चाहिए। कुछ ऐसे लोगों को भी जांच के दायरे में लाया जा रहा है जिनका इस मामले से कोई संबंध नहीं था। ऐसे में लोगों की प्रतिक्रिया स्वाभाविक है। कई लोग वहां निस्वार्थ भाव से काम करते थे लेकिन अगर कोई बीच में फंस जाए तो उस पर भी चोर होने का ठप्पा लग जाता है।”

उन्होंने कहा कि मामले में गिरफ्तार किए गए लोगों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई जारी रहेगी। गिरफ्तारी के बाद आरोपियों को जेल भेजा जाता है और अदालत द्वारा तय तारीख पर सुनवाई होती है। सुरक्षा कारणों से जरूरत पड़ने पर अदालत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भी सुनवाई कर सकती है।

इस बीच, पंकज चौधरी ने अखिलेश यादव द्वारा लगाए गए राम मंदिर दान में कथित गड़बड़ी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि विपक्ष इस मुद्दे पर राजनीति कर रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि एसआईटी निष्पक्ष जांच करेगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

विवाद तब और बढ़ गया जब अखिलेश यादव ने राम मंदिर को मिले दान में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाया। इसके जवाब में भाजपा ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच जारी है। मनन कुमार मिश्रा ने बताया कि इस मामले में पहले ही एफआईआर दर्ज की जा चुकी है और आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल कथित वित्तीय अनियमितताओं की एसआईटी जांच जारी है।

राम मंदिर चढ़ावा केस: चोरी की गई नकदी को शौचालय में छिपाया जाता था

अयोध्या पुलिस राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गबन की जांच कर रही है। गिरफ्तार आरोपी अविनाश शुक्ला ने पुलिस पूछताछ में नया खुलासा किया है। सूत्रों के अनुसार अविनाश ने पुलिस को बताया कि चोरी की गई नकदी को मंदिर परिसर के शौचालयों में छिपाया जाता था और फिर थोड़ी-थोड़ी मात्रा में बाहर तस्करी करके पुलिस की पकड़ से बचा जाता था।

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