केरल में स्वतंत्रता दिवस पर नहीं बजा ‘वंदे मातरम’, भाजपा बोली- जमात-ए-इस्लामी की जिद के आगे झुके मुख्यमंत्री
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केरल में कांग्रेस नेतृत्व वाली यूनाइटेड डेमोक्रेटिक अलायंस (UDF) ने शनिवार को स्वतंत्रता दिवस समारोह के मौके पर राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ नहीं गाने का फैसला किया है। उन्होंने राष्ट्रीय गीत के सभी छह पंक्तियों को गाने के केंद्र के निर्देश को नहीं माना।
केरल सरकार के अलावा, दिल्ली के कांग्रेस मुख्यालय और कर्नाटक व हिमाचल प्रदेश जैसे कांग्रेस शासित राज्यों में भी इस गीत को नहीं गाया गया है।
मुख्य सचिव ने विभागों को भेजा था पत्र
यह कदम राज्य के मुख्य सचिव विश्वनाथ सिन्हा द्वारा केंद्र सरकार के एक आदेश को राज्य के सामान्य शिक्षा और स्थानीय स्व शासन विभागों को भेजे जाने के बाद उठाया गया है, जिसमें हर घर तिरंगा अभियान के तहत वंदे मातरम का पूरा संस्करण गाने के लिए कहा गया है।
लेफ्ट ने सरकार को घेरा था
इसके बाद तीखी राजनीतिक प्रतिक्रिया देखने को मिली। विपक्ष LDF (लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट) ने कांग्रेस सरकार पर “संघ परिवार की राह पर चलने” का आरोप लगाया। इसके जवाब में, राज्य की वीडी सतीसन सरकार ने कहा कि उसका रुख “स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान स्पष्ट किया जाएगा।”
लोकभवन में बजा वंदे मातरम
अहम बात यह है कि सरकार के आधिकारिक कार्यक्रम में यह गाना नहीं गाया गया, लेकिन राज्य के लोक भवन और भाजपा शासित तिरुवनंतपुरम नगर निगम के कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम‘ गाया गया। वहीं, कोझिकोड नगर निगम में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान राज्य की राजनीतिक पार्टियों के रुख में साफ अंतर दिखा; वहां भाजपा पार्षदों ने ‘वंदे मातरम’ गाया, जबकि उसी समय नगर निकाय की सत्ताधारी पार्टी CPI(M) ने राष्ट्रगान गाया।
केंद्र के निर्देश के बाद, केरल के कई स्कूलों ने अपने स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में ‘वंदे मातरम’ को शामिल किया था। लेकिन 11 अगस्त को जनरल एजुकेशन डिपार्टमेंट ने सभी शिक्षण संस्थानों को एक सर्कुलर जारी करके निर्देश दिया कि स्वतंत्रता दिवस समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाए और राष्ट्रगान गाया जाए, जिसमें ‘वंदे मातरम’ का कोई जिक्र नहीं था।
पिछले दो हफ्तों से इस बात को लेकर सस्पेंस बना हुआ था कि क्या केरल में सरकारी कार्यक्रम के दौरान वीडी सतीसन की सरकार ‘वंदे मातरम’ गाने की इजाजत देगी या नहीं। भाजपा ने इस मुद्दे को उठाया और आरोप लगाया कि कांग्रेस अपनी सहयोगी पार्टी ‘इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग’ के कहने पर ऐसा कर रही है, जिसके पास मौजूदा सरकार में शिक्षा और स्थानीय स्व-शासन मंत्रालय हैं।
जमात-ए-इस्लामी की जिद के आगे झुकी सरकार- केरल भाजपा
भाजपा के नेता शॉन जॉर्ज ने इस मामले को लेकर केरल सरकार को घेरा। शॉन जॉर्ज ने कहा, मुख्यमंत्री जमात-ए-इस्लामी की जिद के आगे झुक गए हैं। स्वतंत्रता दिवस समारोह में ‘वंदे मातरम’ न गाना, मुस्लिम संगठनों के दबाव में केरल के राजनीतिक नेतृत्व के झुकने का ताजा उदाहरण है। स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के साथ ‘वंदे मातरम’ गाना देशभक्ति का गर्वपूर्ण इजहार है। हालाँकि, ‘वंदे मातरम’ न गाने के रुख के जरिए मुख्यमंत्री एक खास वर्ग के दबाव में आ रहे हैं।
