स्वतंत्रता दिवस के लाल किले समारोह से राहुल-खरगे क्यों दूर, सरकार ने थमा दी थी एक लिस्ट
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भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले पर आयोजित किए गए कार्यक्रम से लोकसभा और राज्यसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे अनुपस्थित रहे। पिछले सालों में भी राहुल गांधी समेत कांग्रेस नेताओं ने इस कार्यक्रम से दूरी बनाई थी। इस बार सरकार की ओर से रक्षा मंत्रालय ने कांग्रेस पार्टी को उनकी पूर्व की यूपीए सरकारों के दौरान पूर्व विपक्षी नेताओं जैसे सुषमा स्वराज, अरुण जेटली को ऐसे कार्यक्रमों में बिठाए गए जगहों की लिस्ट भेजी थी और बताया था कि तब विपक्षी नेताओं को कहां बिठाया जाता था।
सीएनएन-न्यूज 18 ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि डिफेंस मिनिस्ट्री ने कांग्रेस के बड़े नेताओं के साथ एक लिस्ट के साथ संपर्क साधा था। इसमें कांग्रेस की पिछली सरकारों के सिटिंग अरेंजमेंट की बात थी। हालांकि, कांग्रेस नेता सरकार के इस तर्क से सहमत नहीं हुए और उन्होंने लाल किले के कार्यक्रम में शामिल होने से इनकार कर दिया। सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी और खरगे दोनों ही ‘गलत प्रोटोकॉल’ की वजह से स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए। सूत्रों ने बताया कि बैठने की व्यवस्था और दूसरे सेरेमोनियल प्रोटोकॉल उनकी पोजीशन के हिसाब से नहीं थे। कांग्रेस ने इससे पहले भी सिटिंग अरेंजमेंट को लेकर आलोचना की है।
साल 2024 में तब बड़ा विवाद हुआ था, जब नेता विपक्ष राहुल गांधी को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर आखिरी से दूसरी लाइन में बैठाया गया था। नेता विपक्ष को कैबिनेट रैंक का दर्जा हासिल है। इसके बाद काफी विवाद हुआ था और फिर बाद में कांग्रेस नेताओं ने ऐसे कार्यक्रम से दूरी बनानी शुरू कर दी। सूत्रों के अनुसार, इस बार राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे को दूसरी या तीसरी लाइन में बैठने के लिए सीट अलॉट की गई थी। हालांकि, वेन्यू तक उनके लिए पैदल जाना मुश्किल था।
खरगे ने कांग्रेस मुख्यालय पर फहराया तिरंगा
लाल किले नहीं पहुंचे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने स्वतंत्रता दिवस पर शनिवार को कांग्रेस मुख्यालय इंदिरा भवन में तिरंगा फहराया और कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज सुनना और सवालों के जवाब देना आवश्यक होता है। कांग्रेस संसदीय दल की नेता सोनिया गांधी, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी तथा पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों की मौजूदगी में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए खरगे ने कहा कि आज का दिन केवल स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास को याद करने का दिन नहीं, बल्कि यह पूछने का भी अवसर भी है कि स्वतंत्रता सेनानियों ने जिस भारत का सपना देखा था, वह कितना पूरा हुआ है। कांग्रेस के 141 वर्ष के इतिहास में 62 वर्ष विदेशी शासन के खिलाफ संघर्ष में बीते और इस आजादी के लिए लाखों लोगों ने त्याग और बलिदान दिया।
स्वतंत्रता दिवस समारोह में लालकिले पर पहली बार गूंजा ‘वंदे मातरम’
वहीं, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 15 अगस्त को देशभक्ति की भावना और बहुस्तरीय सुरक्षा के बीच यहां लाल किला परिसर में 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह का नेतृत्व किया। लालकिले पर समारोह के दौरान पहली बार राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ गाया गया। इस अवसर पर सेना के एक बैंड ने ‘वंदे मातरम’ की धुन बजाई। इसके बाद प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और फिर राष्ट्रगान गाया गया। राष्ट्रगान की प्रस्तुति 1721 फील्ड बैटरी (सेरेमोनियल) के गनर द्वारा स्वदेशी 105 मिमी लाइट फील्ड गन का उपयोग करते हुए 21 तोपों की सलामी के साथ तालमेल बिठाकर की गई।
