वंचितों के प्रतिनिधित्व हेतु आरक्षण के नव प्रयोग के जनक थे शाहू महाराज: चंद्रभूषण
1 min readदेवरिया। रामपुर कारखाना विधानसभा क्षेत्र के डुमरी स्थित सपा जनसंपर्क कार्यालय पर आयोजित शाहू जी महाराज स्मृति दिवस श्रद्धांजलि कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के पूर्व प्रवक्ता चंद्रभूषण यादव ने कहा कि कोल्हापुर रियासत के राजा छत्रपति शाहू जी महाराज वंचित वर्गों को समाज में उचित प्रतिनिधित्व दिलाने के लिए आरक्षण जैसे नव प्रयोग के जनक थे।
उन्होंने बताया कि 26 जुलाई 1902 को शाहू जी महाराज ने 50 प्रतिशत आरक्षण लागू कर सामाजिक न्याय की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया। वे सामाजिक परिवर्तन आंदोलन के पुरोधा और प्रेरणा स्रोत थे।
यादव ने कहा कि वेदोक्त और पुराणोक्त मंत्रों के भेद को समझने के बाद शाहू जी महाराज ने जाति आधारित भेदभाव के खिलाफ व्यापक आंदोलन चलाया। उन्होंने वर्ष 1917 में निःशुल्क और अनिवार्य प्राथमिक शिक्षा लागू की, छुआछूत के विरुद्ध कड़े प्रावधान किए, महिला शिक्षा को बढ़ावा दिया तथा दलित-बहुजन छात्रों के लिए निःशुल्क शिक्षा और छात्रावास की व्यवस्था की। साथ ही बाल विवाह पर रोक जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक सुधार भी किए।
उन्होंने यह भी बताया कि शाहू जी महाराज ने डॉ. भीमराव अंबेडकर को वर्ष 1920 में मूक नायक’ पत्र के प्रकाशन के लिए आर्थिक सहयोग प्रदान किया था।
कार्यक्रम में उपस्थित सुरेश नारायण सिंह, व्यास यादव, नारायण प्रसाद, नगीना यादव, लोरिक गोंड, बबलू यादव, शंकर गोंड, श्रीराम प्रसाद, बेलभद्र गोंड, उत्तिम यादव, अभिषेक गुड्डू गोंड और संतोष मद्धेशिया सहित अन्य लोगों ने शाहू जी महाराज को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्हें नमन किया।
