आरएसएस प्रमुख के लखनऊ आगमन पर लगा वापस जाओ का नारा
1 min read
लखनऊ विश्वविद्यालय का परिसर उस समय राजनीतिक अखाड़े में तब्दील हो गया जब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत विश्वविद्यालय के मालवीय सभागार में आयोजित शोधार्थी संवाद कार्यक्रम में पहुँचने वाले थे, लेकिन उनके आने से पहले ही एनएसयूआई, समाजवादी छात्र सभा और भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने परिसर में जबरदस्त विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। कार्यक्रम से ठीक पहले बड़ी संख्या में छात्र कैशियर ऑफिस के पास एकत्रित होकर हाथों में तख्तियां लिए ‘गो बैक’ के नारेबाज़ी कर रहे थे। स्थिति तब तनावपूर्ण हो गई जब छात्रों ने बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की,माहौल को बिगड़ता देख पुलिस ने बल प्रयोग किया जिससे पुलिस के साथ उनकी तीखी झड़प हुई। जिसके बाद प्रदर्शन कर रहे कई छात्रों को हिरासत में ले लिया गया।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे छात्र नेताओं और अन्य संगठनों ने यूनिवर्सिटी प्रशासन और संघ पर पक्षपात का गंभीर आरोप लगाया। उनका कहना है कि विश्वविद्यालय के हॉल और सभागार के ताले सिर्फ आरएसएस और एबीवीपी (ABVP) के कार्यक्रमों के लिए ही खुलते हैं। आरोप है कि जब दूसरे छात्र संगठन किसी चर्चा या सेमिनार के लिए हॉल मांगते हैं, तो उन्हें नियमों का हवाला देकर मना कर दिया जाता है, लेकिन सत्ता के दबाव में संघ के आयोजनों के लिए सारी सुविधाएं दे दी जाती हैं।
