कानपुर देहात में “कौशल विकास” की आड़ में धर्मांतरण का खेल
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कानपुर। देहात से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जहां धर्मांतरण गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है जिसके बाद कुछ लोगों कि गिरफ्तारी हुई है जो गरीबों को लालच देकर धर्म परिवर्तन के जाल में फंसाने का काम कर रहे थे।
दरअसल ये मामला कानपुर देहात के “अकबरपुर कोतवाली” क्षेत्र में धर्म परिवर्तन से जुड़ा है, जिसने प्रशासन के साथ साथ आम जनता को भी चौंका दिया । “नवाकांती सोसाइटी” के नाम से संचालित संस्था पर आरोप है कि वह वर्षों से गरीब और असहाय लोगों को योजनाबद्ध तरीके से ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित कर रही थी। इस घटना कि जानकारी राम भरोसे नाम के व्यक्ति द्वारा पुलिस को दी गई, जो स्वयं 10 वर्षों से इस संस्था से जुड़ा रहा और पहले ही धर्म परिवर्तन कर चुका था।
राम भरोसे के अनुसार, शुरुआत में संस्था की ओर से प्रलोभन के रूप में सिलाई मशीन, ब्यूटी पार्लर, हेयर कटिंग और अन्य कौशल प्रशिक्षण देने के नाम पर लोगों को जोड़ा जाता था। बैठकों के दौरान घरेलू उपकरण, रोजगार के साधन और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का लालच दिए जाते थे, राम भरोसे ने बताया कि संस्था से और लोगों को जोड़ने पर ₹6,000 प्रतिमाह देने का प्रलोभन भी दिया जाता था।
लेकिन धीरे-धीरे इन बैठकों का स्वरूप बदलने लगा पीड़ित आरोप है कि मीटिंग में पहले सामान्य बातचीत होती, फिर बाइबल पढ़वाई जाती, ईसाई प्रार्थनाएं कराई जातीं और धर्म परिवर्तन के लिए कसमें दिलाई जाती थी। कुछ बैठकों में सफेद पैंट-शर्ट पहने विदेशी नागरिक भी मौजूद रहते थे, जिससे संस्था पर शक होने लगा। पीड़ित की माने तो जब उसने इन गतिविधियों पर सवाल उठाए तो उसे दुगने रुपये लौटाने और जान से मारने की धमकियां मिलने लगीं। इस डर और दबाव से परेशान होकर उसने पुलिस का दरवाजा खटखटाया।
हैरान करने वाली बात तो यह है कि धर्म परिवर्तन कराने वाली यह संस्था अकबरपुर कोतवाली से महज 500 मीटर की दूरी पर करीब 10 वर्षों से चल रही थी, लेकिन अब तक पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। मामला संज्ञान में आते ही पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए तीन नामजद सहित चार लोगों पर मुकदमा दर्ज किया और डेनियल शरद सिंह, हरिओम त्यागी और सावित्री शर्मा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। बरहाल पुलिस इस नेटवर्क की कड़ियों को खंगालने में जुटी हुई है।

