मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपावली समेत आगामी त्योहारों के दौरान सौहार्द और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कड़े निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही दीपोत्सव, दीपावली, छठ पूजा और देव दीपावली के मद्देनजर शासन से लेकर थाना स्तर तक के अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां निरस्त कर दी गई हैं।
मुख्यमंत्री ने मंगलवार रात वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से कानून-व्यवस्था और आने वाले पर्वों की तैयारियों की समीक्षा बैठक के दौरान खासकर शरारती तत्वों को कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि त्याहारों के उल्लास को उपद्रव को बदलने में साजिश करने वालों से पूरी सख्ती से निपटा जाएगा। साथ ही दीपोत्सव, दीपावली, छठ पूजा और देव दीपावली के दृष्टिगत शासन से लेकर थानों तक के अधिकारियों-कर्मचारियों के अवकाश कैंसल कर दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले पर्व-त्योहार उल्लास, उमंग, आस्था और सामाजिक सौहार्द के प्रतीक हैं। इन अवसरों पर प्रदेश में सुरक्षा, स्वच्छता और नागरिक सुविधाओं की चाक-चौबंद व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। कहीं कोई अप्रिय घटना पर्वों के उल्लास में खलल न डाल सके। उन्होंने सभी अधिकारियों को पूरी सतर्कता व संवेदनशीलता के साथ दायित्वों का निर्वहन का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अराजक व असामाजिक तत्वों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कठोरतम कार्रवाई की जाए। दीपोत्सव, दीपावली, छठ और देव दीपावली के दृष्टिगत शासन से लेकर तहसील और थाना स्तर तक के सभी अधिकारियों व कर्मचारियों के अवकाश तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर 24 घंटे पैनी नजर रखी जाए। किसी प्रकार की अफवाह फैलाने, भ्रामक सूचनाएं प्रसारित करने अथवा शरारतपूर्ण बयानबाजी से माहौल बिगाड़ने का प्रयास करने वालों पर तत्काल कठोर विधिक कार्रवाई की जाए।
मुख्यमंत्री ने अयोध्या में सात नवंबर को आयोजित होने वाले भव्य दीपोत्सव की तैयारियों की समीक्षा भी की। उन्होंने इस मौके पर श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। कहा कि दीपोत्सव पर अंतरजनपदीय और स्थानीय स्तर पर सुगम यातायात प्रबंधन सुनिश्चित हो तथा रूट डायवर्जन प्लान पहले से तैयार कर उसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रमुख मंदिरों और संवेदनशील धार्मिक स्थलों पर चौबीस घंटे पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाए। धनतेरस और दीपावली पर मुख्य बाजारों तथा व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के आसपास निरंतर पुलिस निगरानी, सघन पैदल गश्त और सीसीटीवी कैमरों की सक्रियता अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए। वरिष्ठ अधिकारी स्वयं फील्ड में उतरकर व्यवस्थाओं का जायजा लें और फुट पेट्रोलिंग करें। सभी जिलों में पीआरवी-112 निरंतर सक्रिय रहें। प्रतिमा स्थापना के कार्यक्रमों में समयबद्ध अनुमति दी जाए। ऐसे आयोजनों की आड़ में दुर्भावनापूर्ण ढंग से विवाद खड़ा करने अथवा सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की चेष्टा करने वालों के विरुद्ध कठोर कानूनी कदम उठाए जाएं। समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव एसपी गोयल व डीजीपी राजीव कृष्ण के अलावा अन्य सभी वरिष्ठ और फील्ड के अधिकारी शामिल रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पटाखों की बिक्री और अग्नि सुरक्षा को लेकर विशेष सावधानी बरती जाए। पटाखों की दुकानें और अस्थायी गोदाम घनी आबादी से दूर खुले व सुरक्षित स्थानों पर ही बनें। इसके लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) और लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब न हो। अग्निशमन विभाग पर्याप्त फायर टेंडरों और आवश्यक जीवनरक्षक उपकरणों के साथ 24 घंटे हाई अलर्ट मोड पर रहे।
मुख्यमंत्री ने नगर विकास और पंचायती राज विभाग को मलिन बस्तियों से लेकर पॉश कॉलोनियों तक स्वच्छता और प्रकाश व्यवस्था का विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सभी क्षेत्रों में नियमित सैनिटाइजेशन और एंटी-लार्वा फॉगिंग कराई जाए तथा कहीं भी जलभराव, कूड़े के ढेर अथवा सड़कों पर गड्ढों की स्थिति न रहे। पर्वों के दौरान ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में रोस्टरमुक्त निर्बाध विद्युत आपूर्ति तथा शुद्ध पेयजल की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। परिवहन विभाग को अतिरिक्त बसें चलाने के साथ ही निजी बस संचालकों के मनमाना किराया वसूलने की शिकायतों पर तत्काल दंडात्मक कार्रवाई का निर्देश भी दिया।
मुख्यमंत्री ने जनहित, किसान कल्याण और कर्मचारी हितों की समीक्षा भी की। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पूर्ण पारदर्शिता बरती जाए। घटतौली की शिकायत मिलने पर ऐसी कठोर कार्रवाई की जाए, जो दूसरों के लिए नजीर बने। इसके अलावा सेवानिवृत्त पेंशनरों के चिकित्सा प्रतिपूर्ति बिलों के लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित निस्तारण किया जाए। आउटसोर्स कार्मिकों तथा आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय त्योहार से पहले अनिवार्य रूप से उनके खातों में अंतरित कर दिया जाए।
मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को यूरिया और डीएपी खाद की पर्याप्त उपलब्धता पर सतत निगरानी रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद का कृत्रिम संकट पैदा करने, जमाखोरी करने अथवा निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर बिक्री करने वालों के विरुद्ध तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाए। धान क्रय केंद्रों पर किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और उनकी उपज की तौल पूरी पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ की जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी किसान अपनी उपज बेचे बिना केंद्र से निराश होकर न लौटे।