स्थायी लोक अदालत से जल्द और कम खर्च में मिलेगा न्याय युवा अधिवक्ताओं को अधिकारिता और कार्यप्रणाली की दी जानकारी
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देवरिया। जनोपयोगी सेवाओं से जुड़े विवादों के त्वरित और कम खर्च में निस्तारण के लिए स्थायी लोक अदालत की भूमिका महत्वपूर्ण है। युवा अधिवक्ताओं को इसके प्रति जागरूक करने के लिए बुधवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में अभिमुखीकरण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देश पर आयोजित कार्यक्रम में स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष राकेश कुमार मिश्र और सदस्य रंजना मिश्रा ने युवा अधिवक्ताओं को स्थायी लोक अदालत की अधिकारिता और कार्यप्रणाली की जानकारी दी।
अध्यक्ष ने कहा कि जनोपयोगी सेवाओं से जुड़े विवादों का सरल, सुलभ, त्वरित और कम खर्च में निस्तारण स्थायी लोक अदालत का प्रमुख उद्देश्य है। उन्होंने युवा अधिवक्ताओं से पात्र मामलों को अधिक से अधिक स्थायी लोक अदालत के समक्ष प्रस्तुत करने का आह्वान किया।
सदस्य रंजना मिश्रा ने स्थायी लोक अदालत और सामान्य लोक अदालत के बीच अंतर, जनोपयोगी सेवाओं से जुड़े विवादों के निस्तारण तथा प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों की जानकारी दी।
जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज मिश्र ने कहा कि अधिवक्ताओं की सक्रिय भागीदारी से स्थायी लोक अदालत की प्रभावशीलता बढ़ेगी और आमजन को शीघ्र न्याय उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अर्चना ने स्थायी लोक अदालत की अधिकारिता, वादों की प्रकृति और निस्तारण प्रक्रिया के साथ विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 के प्रासंगिक प्रावधानों की जानकारी दी। कार्यक्रम में युवा अधिवक्ताओं की जिज्ञासाओं का भी समाधान किया गया।
