भाजपा से चुनाव लड़ने की गलती दोबारा नहीं कर सकती; कानपुर में किरण बेदी का बड़ा बयान
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भारत की पहली महिला आईपीएस और पुडुचेरी की पूर्व उपराज्यपाल किरण बेदी रविवार को कानपुर पहुंची। यहां कानपुर रोटेरियन के कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि मौजूद थीं। पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कई मुद्दों पर अपनी राय रखी। किरण बेदी ने कहा, ‘भाजपा से चुनाव लड़ने की गलती दोबारा नहीं कर सकती।’ कॉकरोच जनता पार्टी और सोनम वांगचुक के आंदोलन को लेकर पूछे गए सवालों का जवाब देने से मना कर दिया। किरण बेदी ने कहा कि ‘इन लोगों को मैं फॉलो ही नहीं करती हूं। ऐसे में, इनको लेकर नो कमेंट।’
इससे पूर्व किरण बेदी ने कानपुर की हवाई सेवा की सराहना की। उन्होंने कहा पहले फ्लाइट से लखनऊ और फिर जर्जर सड़कों से कार से आना पड़ता था। इस बार दिल्ली से कानपुर का सफर अच्छा रहा। सीधी फ्लाइट से आराम से आ गई। साइबर क्राइम को लेकर किरण बेदी ने कहा कि एजुकेशन के जरिए ही अपराध से बचा जा सकता है। चोर का काम ही चोरी करना है। सुरक्षा की जिम्मेदारी हमारी है।
77वें बर्थडे पर लॉन्च किया भारत स्किल एक्सचेंज
उम्र के इस पड़ाव पर देश के विकास में योगदान देने के लिए क्या तैयारी है। सवाल के जवाब में किरण बेदी ने बताया 77वें जन्म दिन में भारत स्किल एक्सचेंज स्टार्टअप शुरू किया है। यूथ में स्किल डेवलपमेंट की आवश्यकता है। इस काम शुरू करने का बीड़ा उठाया।
जैसे मुझे घर से निकाला जा रहा हो, जिमखाना क्लब पर किरण बेदी
इससे पहले किरण बेदी ने दिल्ली जिमखाना क्लब के खाली करने के केंद्र की भाजपा सरकार के फैसले पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने कहा था कि इस आदेश को सुनने से ऐसा लगा कि जैसे उन्हें कोई अपने घर से बेदखल कर रहा हो। एक इंटरव्यू में उन्होंने क्लब से जुड़े अपने यादों को शेयर किया। उन्होंने बताया, जब मैंने पहली बार बेदखली का आदेश के बारे में सुना तो मुझे ऐसा लगा जैसे मैंने अपना घर खो दिया हो। एक ऐसी जगह जहां मैं 14 साल की उम्र से खेलती हुई बड़ी हुई थी। उस समय टेनिस के टूर्नामेंट खेलने अमृतसर से दिल्ली आया करती थी। उन्हीं दौरों की वजह से मुझे दिल्ली से प्यार हो गया। यह सपना देखा कि एक दिन मैं यहीं काम करूंगी और रहूंगी। 24 साल की उम्र में दिल्ली में मेरी पहली पोस्टिंग असिस्टेंट सुपरिटेंडेट ऑफ पुलिस और सब डिविजनल पुलिस ऑफिसर के तौर पर हुई तो जिमखाना क्लब मेरे ही इलाके का हिस्सा था। क्लब का माहौल हमेशा गर्व महसूस कराता था।
