खतौनी में अंशनिर्धारण को लेकर परिवारों में मची कलह, जमीन इधर से उधर; भाई-भाई में रार
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UP News : उत्तर प्रदेश में इन दिनों खतौनी दुरुस्तीकरण अभियान चल रहा है। इस अभियान का उद्देश्य तो जमीन-जायजाद से जुड़े विवादों को खत्म करना है लेकिन खतौनी में अंश निर्धारण की गड़बड़ी परिवारों में कलह की वजह बन रही है। भाई-भाई में रार छिड़ गई है। प्रयागराज में चल रहे खतौनी दुरुस्तीकरण अभियान में चौंकाने वाले मामले सामने आए हैं। कई जगह लेखपालों ने जमीन इधर से उधर कर दी, जिससे एक भाई के हिस्से की जमीन दूसरे के खाते में दर्ज हो गई है।
गलत अंश निर्धारण से तमाम समस्याएं खड़ी हो गई हैं। भाइयों के बीच जमीन को लेकर विवाद बढ़ गए हैं। कई लोग बैंक से लोन नहीं ले पा रहे क्योंकि रिकॉर्ड में हिस्सा कम दिख रहा है। खतौनी में गड़बड़ी के कारण वरासत, बंटवारा और खरीद-फरोख्त के मामले भी अटक रहे हैं। शिकायतें बढ़ने पर मामला डीएम मनीष कुमार वर्मा तक पहुंचा। डीएम ने इसे गंभीरता से लेते हुए सीआरओ संजय पांडेय से पूरे जिले का विस्तृत ब्योरा तलब किया है। उन्होंने निर्देश दिया कि जहां-जहां अंश निर्धारण गलत हुआ है, उसे प्राथमिकता पर ठीक किया जाए। राजस्व विभाग के अफसरों का कहना है कि खतौनी दुरुस्तीकरण अभियान के दौरान पुरानी गलतियां सामने आ रही हैं। अब डिजिटल रिकॉर्ड में वही गलती दोहराई जा रही है। डीएम ने सभी एसडीएम और तहसीलदारों को निर्देश दिया है कि खतौनी में अंश निर्धारण की जांच कर 15 दिन में रिपोर्ट दें। दोषी लेखपालों पर कार्रवाई भी होगी।
15 तक पूरा करें अंश निर्धारण पांच साल पुराने वाद निपटाएं : डीएम
राजस्व मामलों में लापरवाही पर डीएम मनीष कुमार वर्मा ने सख्त रुख अपनाया है। शुक्रवार को कलक्ट्रेट सभागार में हुई राजस्व समीक्षा बैठक में उन्होंने अफसरों को 15 जुलाई तक हर हाल में अंश निर्धारण की कार्रवाई पूरी करने के निर्देश दिए।
डीएम ने कहा कि खतौनी में अंश निर्धारण की गड़बड़ी से जनता परेशान है। इसे प्राथमिकता पर ठीक किया जाए ताकि लोगों को बंटवारा, वरासत और लोन में दिक्कत न हो। उन्होंने पांच साल से ज्यादा पुराने राजस्व वादों पर नाराजगी जताई और कहा कि ऐसे सभी मुकदमों को इसी महीने खत्म करें। पुराने मामले लंबित रखना न्याय में देरी है। आईजीआरएस पोर्टल पर आने वाली शिकायतों को लेकर डीएम ने कहा कि निस्तारण सिर्फ कागजों पर न हो, बल्कि गुणवत्ता के साथ हो। शिकायतकर्ता संतुष्ट होना चाहिए। फर्जी निस्तारण करने वाले अफसरों पर कार्रवाई होगी। बैठक में सभी एसडीएम को नियमित कोर्ट में बैठने के निर्देश दिए गए। डीएम ने कहा कि तहसील दिवस और थाना समाधान दिवस में आने वाली शिकायतों को भी गंभीरता से लें। बैठक में सीआरओ संजय पांडेय, एडीएम वित्त एवं राजस्व विनीता सिंह, एडीएम प्रशासन उपमा पांडेय व अन्य अफसर मौजूद रहे।
जिले में दो लाख 83 हजार अंश निर्धारण बचे
जिले में कुल 20 लाख 42 हजार गाटों का अंश निर्धारण होना है। इसमें से 17 लाख 59 हजार गाटों का अंश निर्धारित हो चुका है। दो लाख 83 हजार गाटों का अंश निर्धारण होना बाकी है। अफसरों का कहना है कि 87 फीसदी काम पूरा हो चुका है।
