मनी लॉन्ड्रिंग का डर दिखाकर पूर्व अधिकारी से करोड़ो की ठगी… पुलिस ने एक आरोपी को किया गिरफ्तार…
1 min readउत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले से साइबर ठगी का एक बेहद चौंकाने वाला और सनसनीखेज मामला सामने आया है। केंद्र सरकार से सेवानिवृत्त हुए एक अधिकारी को मनी लॉन्ड्रिंग और धोखाधड़ी के मामलों में फंसाने का डर दिखाकर साइबर ठगों ने उन्हें करीब 48 दिनों तक ‘डिजिटल अरेस्ट’ रखा और उनसे 2.21 करोड़ रुपये की भारी-भरकम रकम ठग ली। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पानीपत से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य मास्टरमाइंड की तलाश अभी भी जारी है।
पीड़ित अधिकारी रत्नाकर मुगशुजी गेडाम वसुंधरा के रहने वाले हैं। उनके साथ यह पूरा फर्जीवाड़ा 27 मार्च से शुरू हुआ था। ठगों ने उन्हें फोन पर यह कहकर डराया कि उनके आधार कार्ड का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध गतिविधियों में किया गया है। इसके अलावा उनके एटीएम कार्ड के गलत इस्तेमाल की बात भी कही गई। ठगों ने खुद को जांच एजेंसियों का अधिकारी बताते हुए व्हाट्सएप पर फर्जी वारंट भेज दिए और उन्हें 27 मार्च से 14 मई के बीच पूरी तरह ‘डिजिटल अरेस्ट’ की स्थिति में रखा। इस दौरान डर के मारे अधिकारी ने अलग-अलग बैंक खातों में कुल 2.21 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए।
घटना की शिकायत मिलने पर एक जून को साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज किया गया और पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने मंगलवार को पानीपत की गोपाल कॉलोनी निवासी महताब को गिरफ्तार किया। पूछताछ में सामने आया कि महताब के बैंक खाते में ठगी के 6 लाख रुपये ट्रांसफर हुए थे, जिसे उसने चेक से निकालकर अपना 17 हजार रुपये कमीशन काटने के बाद मुख्य सरगना साहिल शर्मा को दे दिए थे। महताब ने बताया कि साहिल ने गेमिंग में खाता इस्तेमाल करने के नाम पर उसकी जानकारी ली थी।
एसीपी क्राइम अमित सक्सेना ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए विभिन्न बैंकों में पड़े 1.25 करोड़ रुपये फ्रीज करा दिए हैं। एनसीआरपी पोर्टल की एसओपी के अनुसार इन पैसों को वापस दिलाने की कानूनी प्रक्रिया चल रही है। वहीं, इस पूरे रैकेट के मुख्य मास्टरमाइंड साहिल शर्मा की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस ने आरोपी के पास से एक मोबाइल फोन भी बरामद किया है। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि साइबर ठग किस तरह तकनीकी का गलत इस्तेमाल कर लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं, इसलिए नागरिकों को बेहद सतर्क रहने की जरूरत है।
