अमौसी ज़ोन स्मार्ट मीटर में हुआ फर्जीवाड़ा
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अधिशाषी अभियंता मीटर योगेश जायसवाल की भूमिका संदिग्ध
लखनऊ। मध्यांचल विद्युत वितरण के अमौसी ज़ोन में स्मार्ट मीटर लगाने में एक बड़ा फर्जीवाड़ा हुआ है जिससे एक बार फिर जोन के मठाधीशों की भूमिका पर सवाल उठ रहे है वही इस पूरे मामले में जोन के अधिशाषी अभियंता योगेश जायसवाल ने चुप्पी साध ली है या यूं कहे कि फर्जीवाड़ा करने वाले कर्मियों पर कार्यवाही न कर मौन स्वीकृति दे दी हो गौरतलब है कि सरोजनीनगर निवासी उपभोक्ता नेहा वर्मा के परिसर में पोस्टपेड विद्युत मीटर लगा हुआ था जिसे उपभोक्ता की अनुमति के बिना बदलने की कार्यवाही की गई मामले में चौंकाने वाला मोड तब आया जब मीटर सीलिंग स्मार्ट प्रीपेड विद्युत मीटर दी गई लेकिन मौके पर उपभोक्ता के परिसर में अभी भी पुराना पोस्टपेड मीटर ही चल रहा है अब मीटर सेक्शन से जारी किया गया नया स्मार्ट प्रीपेड विद्युत मीटर कहा उपयोग में लाया जा रहा है इसकी जानकारी जुटाने में अमौसी जोन अधिशाषी अभियंता मीटर योगेश जायसवाल की खोजी टीम लापरवाह एक्सप्रेस से कब रवाना होती है इसके संकेत मिलते हुए नजर नहीं आ रहे है

प्रदेश के ऊर्जा मंत्री ए०के० शर्मा के गरज चमक के साथ धुंआधार बयानों की बेला की रफ्तार थमती हुई नजर आ रहे है ऊर्जा मंत्री ने भी अधिकारियों की कारगुज़ारी से आंखे मूंद ली है उप्र पावर कारपोरेशन अध्यक्ष अशीष गोयल की जिम्मेदारियों दिनो दिन परवान चढ़ रही है लेकिन धरातलीय स्थिति में उपभोक्ता त्राहिमाम करते हुए दिखलाई पड़ रहे है मानो विभाग ने एक स्वर में आवाज बुलंद कर एक नारा दिया हो कि जहां आम जनता का हिल जाता है पुर्जा पुर्जा, हमारे विभाग का नाम है ऊर्जा । ये नारा बदलते परिवेश के सटीक मालूम होता भी है पहले ऊर्जा विभाग के सभी कार्यालयों में लिखा जाता है उपभोक्ता देवों भवः जो महज एक आदर्श वाक्य बन कर रह गया अब भला उपभोक्ता जाए तो जाए कहा ।
प्रबंध निदेशक के प्रबंध धराशाई
मध्यांचल विद्युत वितरण निगम की प्रबंध निदेशक रिया केजरीवाल की भूमिका पर सवाल उठना लाजिमी है आपको बता दे अपने सीयूजी नंबर का प्रयोग तो बखूभी करती है लेकिन किसी का फोन रिसीव न करने की फेहरिस्त में पहले पायदान पर है वही अगर आप प्रबंध निदेशक से मिलने की आस में गोखले मार्ग उनके कार्यालय जा रहे है तो उसने मुलाकात होना मानो ईश्वर ने आपकी सुन ली हो उपभोक्ताओं की समस्याओं पर लापरवाह रवैया अख्तियार करने वाले कर्मचारियों पर कार्यवाही न कर उनके अभयदान देने वाली प्रबंध निदेशक रिया केजरीवाल की कार्यशैली प्रशंसनीय है । उत्तर प्रदेश में चरमराई विद्युत व्यवस्था की चिंता में प्रदेश के जिम्मेदार वातानुकूलित कमरों में एक घंटे के भोजन विराम के साथ भूखे प्यासे दिन रात घड़ी देख घर जा कर काम में ईमानदारी की बलि चढ़ाकर जुटे हुए है कि प्रदेश में ग्रीष्मकालीन ऋतु में बढ़ने वाली खपत को कहा बिजली गुल कर कहा उपयोग में लाया जाए ।
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