यूपी में सिपाही भर्ती परीक्षा में सॉल्वर बने तो संपत्ति कुर्क होगी, एक करोड़ का जुर्माना; उम्रकैद की भी सजा
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UP Police constable recruitment exam: यूपी में 32,679 आरक्षी नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर भर्ती के लिए लिखित परीक्षा 8, 9 एवं 10 जून को प्रदेश के सभी 75 जिलों के 1,183 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। परीक्षा प्रतिदिन दो पालियों में संपन्न होगी। प्रथम पाली प्रातः 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली अपराह्न 3 बजे से 5 बजे तक आयोजित होगी। भर्ती परीक्षा के लिए कुल 28,86,797 आवेदन प्राप्त हुए हैं। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने चेतावनी दी है कि अगर परीक्षा में सॉल्वर बने तो संपत्ति कुर्क होगी।
उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम-2024 के प्रविधानों के तहत सजा दी जाएगी। साल्वर के पकड़े जाने पर पहली बार में अधिकतम सात वर्ष की सजा और 10 लाख रुपये का जुर्माना और दूसरी बार पकड़े जाने पर आजीवन कारावास और 50 लाख से एक करोड़ रुपये तक जुर्माने की सजा का प्रविधान है।
भर्ती परीक्षा पूरी निष्पक्षता, पारदर्शिता से संपन्न कराएं: मुख्य सचिव
प्रदेश में आरक्षी नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती के लिए होने वाली लिखित परीक्षा को मुख्य सचिव एसपी गोयल एवं पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्णा ने संयुक्त रूप से मंगलवार को समीक्षा की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई इस समीक्षा बैठक में सभी मंडलायुक्त, जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शामिल हुए। इस दौरान परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था, गोपनीयता, प्रशासनिक तैयारियों एवं निगरानी तंत्र की विस्तृत समीक्षा की गई।
किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी
मुख्य सचिव एसपी गोयल ने स्पष्ट निर्देश दिए कि परीक्षा की शुचिता, गोपनीयता एवं पारदर्शिता बनाए रखने में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध एवं प्रभावी ढंग से सुनिश्चित की जाएं तथा प्रत्येक अधिकारी अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन पूर्ण गंभीरता के साथ करें। यह भी निर्देश दिए कि सभी स्ट्रांग रूम के अंदर एवं बाहर सीसीटीवी कैमरे पूर्णतः क्रियाशील रहें और डबल लॉक, डबल गार्ड, अग्निशमन व्यवस्था, निर्बाध विद्युत आपूर्ति और इंटरनेट कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जाए। भर्ती बोर्ड द्वारा सीसीटीवी की लाइव फीड के माध्यम से सतत निगरानी की जाए। नोडल अधिकारी (प्रशासन) की व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी कि परीक्षा दिवस पर निर्धारित सीरीज की गोपनीय सामग्री ही परीक्षा केंद्रों को उपलब्ध कराई जाए।
केंद्र व्यवस्थापक एवं स्टेटिक मजिस्ट्रेट नियमित रूप से परीक्षा कक्षों का निरीक्षण करें
इसके अलावा 6 जून से 10 जून तक सभी परीक्षा केंद्रों का प्रतिदिन व्यापक सैनिटाइजेशन कराया जाए। परीक्षा कक्षों, परिसर, होल्डिंग एरिया, छत, गैलरी, सीढ़ियों एवं वाशरूम सहित पूरे परिसर की मोबाइल फोन, कैमरा, ब्लूटूथ अथवा अन्य अवांछित सामग्री की दृष्टि से गहन जांच की जाए। मुख्य सचिव ने कहा कि परीक्षा में नियुक्त सभी अधिकारी-कर्मचारी के मोबाइल (स्टेटिक मजिस्ट्रेट, केंद्र व्यवस्थापक, केंद्र प्रभारी पुलिस, केंद्र प्रभारी-कार्यदायी संस्था आदि को बाहर रखवाया जाए। कार्मिकों का चेकिंग-फ्रिस्किंग के बाद प्रवेश दिया जाए। कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी प्रत्येक पाली में रेंडमाइजेशन के आधार पर लगाई जाए और परीक्षा अवधि में केंद्र व्यवस्थापक एवं स्टेटिक मजिस्ट्रेट नियमित रूप से परीक्षा कक्षों का निरीक्षण किया जाए।
