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’18 साल के छात्र को दिल में गोली मार दी’

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प्रदर्शन देश के सभी 31 प्रांतों में फैल चुके हैं. और जो भी जानकारी धीरे धीरे बाहर आ रही है, उससे पता चल रहा है कि छोटे शहरों और क़स्बों में हो रही मौतें भी बड़े शहरों जितनी ही भयावह हैं.

उत्तर में स्थित 50,000 की आबादी वाले शहर टोनेकाबोन में, शुक्रवार को सोरेना गोलगुन की मौत हो गई. परिवार के एक सदस्य के मुताबिक़ 18 साल का विश्वविद्यालय छात्र सोरेना सुरक्षा बलों के अचानक किए गए हमले से बचकर भाग रहा था, जब उसे “दिल में गोली” मार दी गई.

सोरेना की तरह मारे गए कई और प्रदर्शनकारी युवा थे और बड़े सपने देखते थे. गुरुवार को 23 साल की रोबिना अमीनियन को तेहरान में गोली मार दी गई. वह फ़ैशन डिज़ाइन की छात्रा थीं और उनका सपना मिलान में पढ़ने का था.

उनकी मां पश्चिमी ईरान के शहर केरमानशाह से छह घंटे का सफ़र करके अपनी बेटी का पार्थिव शरीर लेने तेहरान तक पहुंचीं थीं. लौटते समय उन्होंने अपनी प्यारी बेटी को अपनी बांहों में थाम रखा था. लेकिन शहर पहुंचने पर सुरक्षा बलों ने उन्हें मजबूर किया कि वह रोबिना को शहर से बाहर एक सुनसान क़ब्रिस्तान में दफ़ना दें, जहां न परिवार के बाक़ी लोग मौजूद थे, न दोस्त.

मारे गए लोगों में सभी प्रदर्शनकारी नहीं थे. केरमानशाह में 24 साल के नर्स नाविद सालेही गुरुवार को अस्पताल से काम ख़त्म करके बाहर निकले थे उस समय उन्हें कई गोलियां मारी गईं.

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