राष्ट्रभक्ति और सनातन संस्कृति एक-दूसरे के पूरक
1 min readदेवरिया (प्रकाश वेग)। सरस्वती वरिष्ठ माध्यमिक विद्या मंदिर के प्रांगण में विशाल हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि दीपक जी विभाग प्रचारक ने कहा कि राष्ट्रभक्ति और सनातन संस्कृति एक-दूसरे के पूरक हैं। वंदे मातरम् जैसी अवधारणाएं हमारी सनातन परंपरा की देन हैं, जिनसे प्रेरित होकर असंख्य वीरों ने देश के लिए बलिदान दिया। उन्होंने समाज को जातिगत खांचों में बाँटने की साजिशों से सावधान रहने का आह्वान किया।
प्रो. रजनी त्रिपाठी ने मातृशक्ति की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मां परिवार, समाज और राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है। मानस हंस अखिलेश दास ने श्रीराम को राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक बताया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता गणेश शंकर शर्मा ने की। संचालन श्रवण सिंह ने किया। छात्राओं की काव्य-नाटिका और भजनों ने वातावरण को देशभक्ति से भर दिया। अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
