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ग्राम पंचायत और विधानसभा के वोटर संख्या में अंतर क्यों? अखिलेश का यूपी SIR को लेकर सवाल

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सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के मुद्दे पर पार्टी कार्यकर्ताओं को पूरी सतर्कता बरतने की हिदायत देने के साथ ही भाजपा को घेरा भी। अखिलेश ने कहा कि एसआईआर में निर्वाचन आयोग की साख दांव पर है। सवाल उठाया कि ग्राम पंचायत, विधानसभा व लोकसभा में मतदाताओं की संख्या में अंतर क्यों है। भाजपा पर प्रशासन के दुरुपयोग का आरोप भी लगाया। कहा कि भाजपा नकारात्मक चरित्र की पार्टी है। विपक्षी दलों के नेताओं की छवि खराब करने के लिए भाजपा दुष्प्रचार कर रही है। सपा नेताओं व कार्यकर्ताओं को भाजपा के कुप्रचार से सावधान रहना है। दअसल, एसआईआर के बाद विधानसभा की ड्राफ्ट सूची में 12.55 करोड़ मतदाता हैं जबकि यूपी पंचायत में 12.69 करोड़ वोटर हैं।

अखिलेश ने कहा कि मतदाता सूची की एसआईआर प्रक्रिया को कार्यकर्ता गंभीरता से लें और पूरी निष्ठा से काम करें। भाजपा की चालाकी से सतर्क रहना है। अगले विधानसभा चुनाव में भाजपा की कोई चाल काम नहीं आएगी।

अखिलेश ने बुधवार को पार्टी मुख्यालय में विभिन्न जिलों से आए कार्यकर्ताओं व नेताओं से कहा कि सपा की बढ़ती ताकत से भाजपा घबराई हुई है। वर्ष 2026 की मेहनत से वर्ष 2027 में सफलता मिलेगी। दावा किया कि प्रदेश में सपा की सरकार बनने जा रही है। तब महिलाओं को प्रतिवर्ष 40 हजार रुपये देकर उनकी सहायता की जाएगी। किसानों व नौजवानों के हित में फैसले होंगे।

मनरेगा को खत्म करने की साजिश कर रही भाजपा सरकार

वहीं सपा के राष्ट्रीय अध्ध्यक्ष अखिलेश यादव मनरेगा को लेकर भाजपा सरकार को घेरने का प्रयास कर रहे हैं। अखिलेश ने आरोप लगाया है कि भाजपा सरकार मनरेगा का नाम बदलकर धीरे-धीरे उसे खत्म करने की गोपनीय साजिश कर रही है। मनरेगा का नाम बदलना ही नहीं बल्कि उसका ‘राम-राम’ करना ही भाजपा का लक्ष्य है। अखिलेश ने कहा कि भाजपा सरकार एक ओर मनरेगा का बजट कम से कमतर करती जा रही है। ⁠ दूसरी ओर राज्यों पर पैसा खर्च करने का इतना दबाव बना दिया गया है कि ‘जीएसटी सिस्टम’ में केंद्र से पैसा न मिलने के कारण, पहले से ही खाली खजाने से जूझ रहे राज्य, अतिरिक्त बजट की व्यवस्था नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में राज्य खुद ही मनरेगा को खत्म करने में जुट जाएंगे। ⁠आरोप लगाया कि सैकड़ों ग्राम सभाओं को ‘अर्बन कैटेगरी’ में डालकर, भाजपा सरकार ने उनका बजट भी मार दिया है।

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