यूपी में अर्नब तूफान के असर से गुरुवार से शुरू हुआ बारिश का सिलसिला शुक्रवार तक जारी रहा। रुक-रुककर दोनों दिन बारिश होती रही। जिससे तापमान नीचे गिर गया और ठंड बढ़ गई। बारिश से धान की फसलों को भी काफी नुकसान हुआ। वहीं, मौसम विभाग की मानें तो आज यानी शनिवार को भी कुछ जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।
गुरुवार से बिगड़े मौसम का असार दूसरे दिन भी जारी रहा। शुक्रवार को भी झमाझम बारिश हुई। वहीं, पूरे दिन आसमान में बदली छाए रहने और बूंदा-बांदी जारी रहने के साथ ही तेज ठंडी हवा ने मौसम को सर्द कर दिया। पश्चिमी यूपी में कहीं-कहीं भारी बारिश भी हुई। दोनों संभागों में कहीं-कहीं झोंकेदार हवा भी चलीं। जबकि बारिश के कारण कई किसानों की कटी फसल खलिहान में भीग गई। उधर, खेतों में कटी पड़ी धान की फसल भी खराब होने की आशंका है।
मौसम विभाग के लखनऊ केंद्र के मुताबिक 31 अक्टूबर को पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं वर्षा/गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। वहीं, पूर्वांचल में बारिश का सिलसिला अभी जारी रहेगा। वहां 31, 1 और 2 को भी हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है।
मौसम विभाग के वैज्ञानिकों की मानें तो आज लखनऊ में बादल छाए रहे रहेंगे। इसके आलावा बारिश के साथ तेज हवाएं 30-40 किमी/घंटे की रफ्तार से चलने की संभावना है। वहीं, अधिकतम तापमान 24 डिग्री और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा।
मौसम में आए बदलाव ने सबसे ज्यादा किसानों की चिंता बढ़ा दी है। इन दिनों जिले में आलू की बुवाई का काम तेजी से चल रहा है। किसान खेतों को तैयार करने से लेकर आलू की बुवाई तक में जुटे हुए हैं। कई किसानों ने खेतों में आलू की फसल की बुवाई भी कर दी है। ऐसे में लगातार बारिश होने से खेतों में नमी बढ़ने और जलभराव की आशंका बनी हुई है। किसानों का कहना है कि यदि बारिश तेज होती है तो बुवाई का काम प्रभावित हो सकता है। इसके अलावा बारिश से धान की फसलों को भी काफी नुकसान पहुंचा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को हुई बारिश के कारण प्रभावित लोगों को राहत दिलाने का निर्देश दिया है। फसलों के नुकसान के मद्देनजर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि इसका आकलन कर किसानों को हर संभव मदद दें। हर विपरीत परिस्थितियों में सरकार अन्नदाता के साथ खड़ी है। सीएम ने अतिवृष्टि से हुई आर्थिक हानि, पशु हानि और जिनके घर गिरे, उन्हें तत्काल अनुमन्य मुआवजा उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने कहा कि फसल बर्बादी का तत्काल आकलन कर किसानों को यथाशीघ्र मुआवजा दिया जाए। घर गिरने से बेघर हुए लोगों को राहत केंद्र और शरणालय केंद्र पहुंचाएं।