प्रशासक बने ब्लॉक प्रमुखों, जिला पंचायत अध्यक्षों को बड़ी राहत, नई गाइडलाइन जारी
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यूपी में पंचायत चुनाव नहीं होने से प्रशासक बना दिए गए ब्लॉक प्रमुखों और जिला पंचायत अध्यक्षों को बड़ी राहत मिल गई है। ब्लॉकों और जिला पंचायतों में अब पुराने कार्यों के भुगतान और नए विकास कार्यों में तेजी आएगी। निवर्तमान ब्लॉक प्रमुखों और जिला पंचायत अध्यक्षों के प्रशासक के रूप में कार्य करने के लिए विस्तृत गाइडलाइन जारी कर दी गईं हैं। रूटीन और नीतिगत कार्य अब वह आसानी से कर सकेंगे। अभी तक दैनिक कार्यों के निस्तारण और पुराने कार्यों के भुगतान को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश न होने से कार्य प्रभावित हो रहे थे। जिलों में डीएम कार्यालयों में फाइलें लंबित पड़ी थी, अब ऐसा नहीं होगा। प्रशासक बने ग्राम प्रधानों के लिए गाइडलाइन पहले ही जारी हो चुकी है।
प्रमुख सचिव, पंचायती राज अनिल कुमार की ओर से गाइडलाइन जारी कर दी गई है। निवर्तमान ब्लॉक प्रमुखों और जिला पंचायत अध्यक्षों की प्रशासक के रूप में कार्य करने को लेकर जो गाइडलाइन जारी की गई है, उसके अनुसार इन दोनों के पांच वर्ष का कार्यकाल खत्म होने से पहले जो भी निर्माण कार्य और अन्य कार्य कराए गए हैं, उनका भौतिक के साथ तकनीकी सत्यापन करा कर उसका भुगतान पहले की तरह करा सकेंगे। ब्लॉकों व जिला पंचायतों में कार्यरत कर्मियों का यह प्रशासक पूर्व की भांति रूटीन कार्यों के तहत वेतन भुगतान कर सकेंगे।
नई क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत के गठन तक वह कोई भी शासकीय व विभागीय बैठक प्रशासक के रूप में नहीं कर सकेंगे। ऐसे महत्वपूर्ण कार्य जो किसी नीति, नियम, न्यायालय के आदेश और किसी अन्य आदेश के चलते जरूरी होंगे, उन्हें डीएम की अनुमति लेकर ब्लॉक प्रमुख कर सकेंगे।
इसी तरह, इन कार्यों को करने के लिए जिला पंचायत अध्यक्ष मंडलायुक्त से अनुमति लेंगे। मंडलायुक्त अधिकतम 15 दिनों में निर्णय लेकर डीएम व संबंधित जिला पंचायतों को सूचित करेंगे। ऐसे ब्लॉक प्रमुख जिनके ऊपर किसी आरोप में कार्रवाई की गई है, उनकी जगह उप जिलाधिकारी प्रशासक के रूप में कार्य करेंगे। जिला पंचायत अध्यक्षों का 11 जुलाई व ब्लॉक प्रमुखों का पांच वर्ष का कार्यकाल 19 जुलाई को पूरा होने के बाद इन्हें प्रशासक बनाया गया था।
