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गोमती नदी पर अवैध अतिक्रमण के खिलाफ तहरीर, श्रीवास्तव गैंग के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई की मांग

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गोमती नदी पर अवैध अतिक्रमण के खिलाफ तहरीर, श्रीवास्तव गैंग के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई की मांग

PIL में DM ने स्वीकारा अतिक्रमण, 7 जुलाई तक हटाने के दिए थे आदेश

लखनऊ। गोमती नदी की सरकारी भूमि पर अवैध अतिक्रमण और नीलांश वाटर पार्क द्वारा नदी की धारा परिवर्तन के मामले में समाजसेवी दीपक शुक्ला ने मलिहाबाद तहसीलदार को तहरीर सौंपकर FIR दर्ज करने की मांग की है। तहरीर में नीलांश वाटर पार्क के संचालकों संतोष श्रीवास्तव, सतीश श्रीवास्तव, राजेश श्रीवास्तव व मदनलाल के खिलाफ BNS, UP गैंगस्टर एक्ट, NSA और PMLA के तहत कार्रवाई की मांग की गई है।

तहरीरकर्ता दीपक शुक्ला उच्च न्यायालय में गोमती नदी बचाने को लेकर दायर जनहित याचिका 10/2024 के याचिकाकर्ता भी हैं। उन्होंने तहरीर में कहा कि उक्त याचिका में जिलाधिकारी लखनऊ विशाख जी ने शपथ पत्र दाखिल कर नीलांश वाटर पार्क द्वारा गोमती नदी की सरकारी भूमि पर अतिक्रमण की पुष्टि की है।

कोर्ट ने 7 जुलाई तक हटाने को कहा था
माननीय उच्च न्यायालय, लखनऊ खंडपीठ ने 15 मई 2026 को दिए आदेश में अतिक्रमण का संज्ञान लेते हुए 7 जुलाई 2026 तक संपूर्ण अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे। तहरीर में कहा गया है कि अभियुक्तों ने केवल अतिक्रमण ही नहीं किया, बल्कि नदी की प्राकृतिक धारा को अवरुद्ध कर पक्की दीवार का निर्माण कर पारिस्थितिकी तंत्र को अपूरणीय क्षति पहुंचाई है।

6 अधिनियमों के तहत कार्रवाई की मांग
तहरीर में भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 111, 61, 324(4), 152, पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986, UP गैंगस्टर एक्ट 1986, राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम 1980, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 व धन शोधन निवारण अधिनियम 2002 के तहत गैर-जमानती धाराओं में FIR दर्ज करने की मांग की गई है।

संपत्ति कुर्की और CBI जांच की मांग
तहरीरकर्ता ने मांग की है कि ED, आयकर विभाग व सतर्कता अधिष्ठान द्वारा वर्ष 2007 से 2026 तक अभियुक्तों, उनके परिजनों व बेनामीदारों की चल-अचल संपत्तियों की जांच कर उन्हें कुर्क किया जाए। साथ ही 14 वर्षों से चली आ रही निष्क्रियता को देखते हुए पूरे मामले की CBI या उच्च न्यायालय की निगरानी में SIT से जांच कराई जाए। राष्ट्रीय हरित अधिकरण में भी वाद दायर कर नदी को पहुंची क्षति की भरपाई की मांग की गई है।

तहरीर के साथ संलग्न दस्तावेज
तहरीर के साथ हाईकोर्ट के आदेश, जिलाधिकारी का शपथ पत्र, अवैध निर्माण के फोटो व रिमोट सेंसिंग सेंटर की सैटेलाइट रिपोर्ट संलग्न की गई है। तहरीर पर तहसीलदार ने SHO मलिहाबाद को जांच कर आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

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