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जेवर एयरपोर्ट और यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में भू-माफियाओं पर बड़ा प्रहार, 10 जुलाई से 35 से अधिक अवैध कॉलोनियों पर चलेगा बुलडोजर

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जेवर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट और यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं के चलते दिल्ली-एनसीआर सहित पूरे देश के निवेशकों की नजर इस क्षेत्र पर टिकी हुई है। इस विकास की वजह से खैर और टप्पल क्षेत्र की जमीनों के दाम आसमान छू रहे हैं। लेकिन, बढ़ती मांग का फायदा उठाकर भू-माफियाओं ने भी इस क्षेत्र में अपने पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। अब इन भू-माफियाओं पर शिकंजा कसने के लिए यीडा ने एक बड़े ध्वस्तीकरण अभियान की रूपरेखा तैयार कर ली है। आगामी 10 जुलाई के आसपास इस अधिसूचित क्षेत्र में बसाई गई 35 से अधिक अवैध कॉलोनियों पर भारी पुलिस बल की मौजूदगी में बुलडोजर चलाया जाएगा।

करोड़ों की अधिसूचित और सरकारी जमीन पर बिना नक्शे के बसाई कॉलोनियां
यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, खैर और टप्पल क्षेत्र के करीब 92 गांव यीडा के अधिसूचित क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं। जेवर एयरपोर्ट के काम में तेजी आने के बाद से इस पूरे बेल्ट की व्यावसायिक अहमियत रात-रात में बदल गई है। आने वाले समय में यहाँ मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक पार्क, अर्बन सेंटर और कई बड़ी औद्योगिक परियोजनाएं आकार लेने वाली हैं।

इसी भविष्य के मुनाफे को देखकर पिछले 3-4 वर्षों में जमीनों की कीमतें सर्किल रेट से कई गुना ऊपर पहुंच चुकी हैं। इसी चांदी काटने के चक्कर में भू-माफियाओं ने यीडा की अधिसूचित और सरकारी जमीनों पर कब्जा कर, बिना किसी स्वीकृत ले-आउट या बिना नक्शा पास कराए अवैध कॉलोनियां विकसित कर दीं और भोले-भाले निवेशकों को जमीनें बेचनी शुरू कर दीं।

यीडा ने जिला प्रशासन से मांगी भारी पुलिस फोर्स और मजिस्ट्रेट
मामले की गंभीरता और अवैध निर्माण के बड़े पैमाने को देखते हुए यीडा प्रबंधन ने संबंधित जिला प्रशासन से समन्वय स्थापित किया है। प्राधिकरण ने अवैध निर्माण को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए पर्याप्त संख्या में मजिस्ट्रेट और भारी पुलिस बल उपलब्ध कराने का लिखित अनुरोध किया है। प्रशासनिक अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि किसी भी प्रकार के अवैध कब्जे को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 10 जुलाई के आसपास शुरू होने वाले इस महा-अभियान के तहत 35 से ज्यादा चिन्हित अवैध साइट्स को पूरी तरह जमींदोज कर दिया जाएगा, ताकि भविष्य के मास्टर प्लान प्रोजेक्ट्स के लिए जमीन सुरक्षित रहे।

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