Prakash veg

Latest news uttar pradesh

फिल्म देख युवकों ने बनाया Paytm फ्रॉड गैंग, वाराणसी साइबर के इतिहास में की पहली हत्या…

1 min read

उत्तर प्रदेश के वाराणसी कमिश्नरेट के साइबर क्राइम के इतिहास में पहली हत्या का मामला सामने आया है। पुलिस ने रोहनिया थाना क्षेत्र के अवलेशपुर में दुकानदार की हत्या के मामले में मुठभेड़ के बाद 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। इन आरोपियों की उम्र महज 20 से 23 वर्ष के बीच है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस की पूछताछ में इन्होंने ऐसे राज उगले की पुलिस वाले भी हैरान हो गए। आरोपियों के अनुसार उन्होंने कोविड के समय साइबर क्राइम फिल्म और youtub वीडियो देकर सिखा और फिल्म जामतारा ने उन्हें प्रेरित किया तो उन्होंने साइबर क्राइम के लिए एक गैंग तैयार कर ली।

पहले घर में किया साइबर फ्रॉड, फिर गैंग के साथ कई बड़े शहरों में दिया अंजाम…

वाराणसी वरुणा जोन के डीसीपी प्रमोद कुमार ने बताया कि पकड़े गए 5 आरोपियों में आयुष (21वर्ष) नामक आरोपी ने फिल्म देखकर साइबर फ्रॉड सिखा और अपने ही घर में साइबर फ्रॉड किया। जब वह सफल रहा तो अपने गांव के आस पास के दोस्त गोलू पटेल, अमन सेठ, मनीष सिंह और जियांशु पटेल के साथ मिलकर गैंग बनाया। गैंग TVS की रोनिन बाइक से चलते। इन्होंने वाराणसी के अलावा कानपुर और प्रयागराज जैसे शहरों में साइबर फ्रॉड की घटना को अंजाम दिया।

Paytm कंपनी का फर्जी एजेंट बन करते थे साइबर फ्रॉड , KYC के नाम पर करते थे करते थे कांड…

डीसीपी प्रमोद कुमार ने बताया कि गैंग का मुख्य सरगना आयुष पटेल पूर्व में पेटीएम कम्पनी में काम कर चुका है, ऐसे में वह साइबर ठगी के लिए खुद को कंपनी का एजेंट बताता। दुकान में paytm के लगने वाले साउंड बॉक्स, KYC और बिजनेस एकाउंट में लगने वाले चार्ज को कम करवाने के नाम पर दुकानदारों को झांसा में लेते थे। दुकानदारों का सिमकार्ड बदलकर वह साइबर ठगी करते। वाराणसी के रोहनिया थाना क्षेत्र के अवलेशपुर में भी इन्होंने एक दुकानदार को टारगेट किया।

दुकानदार का एकाउंट में बैलेंस देख रची हत्या की साजिश…

पुलिस के अनुसार अवलेशपुर गांव में किराना के दुकानदार के पास पेटीएम कंपनी का एजेंट बनकर यह पहुंचे थे। जब उन्होंने दुकानदार का ट्रांजेक्शन और बैलेंस देखा तो बड़ा हाथ मारने की योजना बनाई। दरअसल दुकानदार जितेंद्र पटेल के एकाउंट में 26 लाख रुपए बैलेंस थे और करीब 30 लाख रुपए का ट्रांजेक्शन हुआ था। साइबर ठगी गैंग के सदस्यों ने इसके लिए दुकानदार का मोबाईल हासिल करने के लिए उसकी हत्या की साजिश बनाई और गैंग के सदस्य ने बिहार से एक पिस्टल लेकर आया। दुकानदार की सटीक रेकी के बाद आरोपियों ने मोबाईल लूटने के लिए दुकानदार जितेंद्र पटेल के घर से कुछ दूर पहले गोली मार दी। हालांकि जितेंद्र पटेल को उस समय गोली लगने का एहसास नहीं हुआ और वह घर लौटे तो उन्हें पता चला कि गोली लगी है। वही आरोपी गोली मारकर खाली हाथ फरार हो गए। जबकि जितेंद्र के परिजनों ने घायल अवस्था में जितेंद्र को अस्पताल पहुंचाया जहां उनकी ईलाज के दौरान मौत हो गई।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published.

https://slotbet.online/