Prakash veg

Latest news uttar pradesh

यूपी पंचायत चुनाव से पहले 76 ग्राम पंचायतों में करोड़ों का खेल, प्रधानों-साचिवों पर ऐक्शन

1 min read

यूपी में पंचायत चुनाव को लेकर तैयारियां चल रही हैं। चुनाव की तैयारियों के बीच यूपी के गोंडा जिले की 76 ग्राम पंचायतों में करोड़ों का खेल सामने आया है। इन 76 ग्राम पंचायतों में वित्तीय वर्ष 2019-20 के विकास कार्यो की लेखा परीक्षा के दौरान 12.15 करोड़ रुपये की धनराशि पर अनियमितता और अभिलेखों की कमी सामने आई है। विभागीय जानकारी के मुताबिक इन ग्राम पंचायतों में ऑडिट जांच में पाया गया कि कई ग्राम पंचायतों ने विकास कार्यों के नाम पर खर्च की गई रकम का पूरा ब्योरा प्रस्तुत नहीं किया। इस पर संबंधित तत्कालीन ग्राम प्रधानों और पंचायत सचिवों पर ऐक्शन हुआ है। इन प्रधानों और सचिवों को नोटिस जारी कर 15 दिनों के भीतर स्पष्टीकरण और आवश्यक अभिलेख उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार, गोंडा के परसपुर ब्लॉक की परसपुर ग्राम पंचायत में सर्वाधिक 75.85 लाख रुपये के खर्च का विवरण प्रस्तुत नहीं किया गया। उस समय यहां ग्राम प्रधान बिंदु पाण्डेय और सचिव सत्येन्द्र कुमार सिंह थे। वहीं, खरगूपुर ग्राम पंचायत में 49.27 लाख रुपये, कटरा ब्लॉक की सेलहरी में 51.95 लाख रुपये के अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए गए। इसके अलावा परसपुर ब्लॉक के मरचौर में 32.82 लाख रुपये, डेहरास में 31.79 लाख रुपये, बालपुर हजारी में 28.94 लाख रुपये और सुसुंडा में 27.53 लाख रुपये की धनराशि पर आपत्ति दर्ज की गई है। निंदुरा में 25.18 लाख रुपये, सकरौर में 24.38 लाख रुपये , असरना में 23.83 लाख रुपये और रोवारी में 21.54 लाख रुपये के खर्च का भी पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराया गया।

रामगढ़ 20.67 लाख रुपये, परसा गोड़री 19.59 लाख रुपये , गोनवा 18.88 लाख रुपये , राजापुर 18.59 लाख रुपये , डोमाकल्पी 14.20 लाख रुपये , लोहंगपुर 12.98 लाख रुपये और सालपुर धौतल 12.61 लाख रुपये सहित कई पंचायतों को नोटिस भेजा गया है। दर्जनों अन्य पंचायतों में भी 10 लाख रुपये से अधिक के खर्च पर ऑडिट टीम ने आपत्ति दर्ज की है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार कई स्थानों पर भुगतान प्रक्रिया में वित्तीय नियमों का पालन नहीं किया गया और अभिलेख अधूरे पाए गए।

डीपीआरओ लालजी दूबे ने बताया कि जिले में 76 ग्राम पंचायतों ने विकास कार्यों पर खर्च के सापेक्ष अब तक ऑडिट टीम को पूरा ब्यौरा उपलब्ध नहीं कराया है। सभी को 15 दिन का समय दिया गया है। समय सीमा में अभिलेख प्रस्तुत नहीं करने पर संबंधित प्रधान और सचिव से पूरी धनराशि की वसूली की कार्रवाई की जाएगी।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published.

https://slotbet.online/